कैलिफोर्निया की कैरोलिना कारो (51) के लिए एआई चैटबॉट किसी करिश्मे जैसा है। वे ईमेल लिखवाने से लेकर मेनोपॉज की समस्याओं तक के लिए एआई की मदद लेती हैं, लेकिन उनके लेखक पति को यह मंजूर नहीं है। यह कहानी दुनिया भर के करोड़ों घरों की कड़वी हकीकत बनती जा रही है, जहां अब एआई रिश्तों में वैचारिक दरारें पैदा कर रहा है। आजकल पार्टनर के साथ घूमने-खाने जैसी छोटी सलाहें भी एआई से लेना आपसी उलझनें बढ़ा रहा है, क्योंकि ये चैटबॉट कई बार शक, गुस्सा और अहंकार जैसे इंसानी गुण दिखाकर गलत परामर्श दे रहे हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक तकनीक पर अति-निर्भरता रिश्तों की प्राइवेसी खत्म कर रही है। ऐसे में इसका समाधान आपसी बातचीत ही है। एआई से सलाह रिश्तों से ‘सच्चा जज्बात’ छीन रहा न्यूयॉर्क की काउंसलर नताली कापानो के पास ऐसे कई मामले आ रहे हैं, जहां खाने की प्लानिंग से लेकर छुट्टियों तक के लिए पार्टनर एआई पर निर्भर हैं। यह दूसरे पार्टनर में झुंझलाहट और असुरक्षा का कारण बन रहा है। वॉशिंगटन की रिया श्रीवास्तव (24) के पार्टनर ने ब्रेकअप के मैसेज भी एआई से लिखवाए। रिया कहती हैं, ‘उस दौरान मुझे ऐसा लगा जैसे हमारी समस्याएं पार्टनर नहीं, चैटजीपीटी सुलझा रहा है।’ यह ट्रेंड रिश्तों से वह ‘सच्चा जज्बात’ छीन रहा है, जो केवल मानवीय भूलों और कमजोरियों से आता है। एआई पर निर्भरता से रिश्तों ?
घूमने-खाने जैसी सलाह एआई से लेना आपसी उलझन बढ़ा रहा:एआई चैटबॉट शक, गुस्सा और अहंकार जैसे इंसानी गुण दिखा रहा; गलत सलाह से रिश्तों में बढ़ रही दरारें, आपसी बातचीत ही समाधान
By worldprime
On: मार्च 17, 2026 12:02 अपराह्न
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