CG Budget Session 2026: रायपुर में चल रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र 2026 के दौरान बुधवार को जंबूरी आयोजन में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस ने मामले की जांच की मांग की, जबकि सरकार ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए जांच से इंकार कर दिया। इससे नाराज विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह ने बालोद जिले में आयोजित जंबूरी कार्यक्रम में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया और अध्यक्ष नियुक्ति को लेकर कई सवाल किए और विधानसभा की समिति से जांच कराने की मांग की।

इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि जंबूरी आयोजन राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम था और राज्य का हिस्सा अलग था। उन्होंने स्पष्ट किया कि टेंडर प्रक्रिया कलेक्टर के अधीन होती है और शासन की प्रक्रिया किसी व्यक्ति विशेष पर निर्भर नहीं करती।
मंत्री ने बताया कि राज्य गठन के बाद स्काउट-गाइड संगठन में अध्यक्ष चयन की प्रक्रिया पूर्व में चुनाव के माध्यम से होती थी, लेकिन बाद में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में इसे बदलकर मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित व्यक्ति को अध्यक्ष बनाए जाने की व्यवस्था लागू की गई।

विधायक राघवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि 10 दिसंबर 2025 को जारी टेंडर को निरस्त कर 23 दिसंबर को दोबारा टेंडर निकाला गया और 90 बिंदुओं को घटाकर 52 कर दिया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही काम कैसे शुरू हो गया।
वहीं भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला की टिप्पणी के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि मंत्री संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं, जिसके विरोध में विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
CG Budget Session 2026: सदन में अवैध प्लॉटिंग और ‘जी राम जी’ पर हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट





