क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड राजनीति जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी छत्तीसगढ़

---Advertisement---

अमेरिकी विदेश-रक्षा मंत्री के घर के ऊपर संदिग्ध ड्रोन दिखे:सिक्योरिटी को लेकर इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई; दोनों लीडर्स को शिफ्ट करने पर विचार

On: मार्च 19, 2026 11:50 पूर्वाह्न
Follow Us:
अमेरिकी विदेश रक्षा मंत्री के घर के ऊपर संदिग्ध ड्रोन दिखे:सिक्योरिटी को लेकर इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई; दोनों लीडर्स को शिफ्ट करने पर विचार
---Advertisement---

वॉशिंगटन में अमेरिकी सेना के एक अहम बेस के ऊपर संदिग्ध ड्रोन देखे गए हैं। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ सैन्य बेस फोर्ट लेसली मैकनेयर के अंदर रह रहे हैं। यह वही बेस है जहां विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ रहते हैं। इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन लोगों ने बताया कि इन ड्रोन की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और यह भी साफ नहीं है कि वे कहां से आए थे। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के कारण सुरक्षा अलर्ट पहले से बढ़ा हुआ है। इसी वजह से सेना संभावित खतरों पर कड़ी नजर रख रही है। पिछले 10 दिनों में एक रात के दौरान फोर्ट लेसली मैकनेयर के ऊपर कई ड्रोन देखे गए, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई और व्हाइट हाउस में इस मुद्दे पर इमरजेंसी बैठक भी हुई। दुनियाभर में अमेरिकी दूतावासों के लिए चेतावनी जारी इसी बीच अमेरिका ने दुनियाभर में अपने दूतावासों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है और देश के अंदर कई सैन्य ठिकानों पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। न्यू जर्सी के जॉइंट बेस मैकग्वायर-डिक्स-लेकहर्स्ट और फ्लोरिडा के मैकडिल एयर फोर्स बेस पर सुरक्षा स्तर बढ़ाकर ‘चार्ली’ कर दिया गया है। इसका मतलब होता है कि किसी हमले या खतरे की आशंका है। इससे ऊपर केवल ‘डेल्टा’ स्तर होता है, जो तब लागू होता है जब हमला हो चुका हो या होने वाला हो। फोर्ट मैकनेयर के ऊपर ड्रोन दिखने के बाद अधिकारियों ने यह भी विचार किया कि क्या रुबियो और हेगसेथ को किसी दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। हालांकि, अभी तक उन्हें वहां से नहीं हटाया गया है। 6 महीने पहले लोकेशन का खुलासा हुआ अक्टूबर में कई मीडिया रिपोर्ट्स में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के वहां रहने की जानकारी सार्वजनिक हो चुकी थी। आमतौर पर इतने बड़े पदों पर बैठे लोग कहां रहते हैं, यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, क्योंकि इससे उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। डिटेल में और क्या सामने आया था यह खबर इसलिए अहम थी क्योंकि जब किसी बड़े अधिकारी का रहने का स्थान सार्वजनिक हो जाता है, तो यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन जाता है। ड्रोन जैसे नए खतरे (जिनका पता लगाना मुश्किल होता है) इस जोखिम को और बढ़ा देते हैं। यही वजह है कि अब जब उसी बेस के ऊपर अज्ञात ड्रोन दिखे, तो अधिकारियों ने उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने तक पर विचार किया। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने इस मामले पर ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया और कहा कि सुरक्षा कारणों से मंत्रियों की गतिविधियों पर टिप्पणी नहीं की जा सकती। सुरक्षा वजहों से एयरबेस पर 2 बार लॉकडाउन लगा मैकडिल एयर फोर्स बेस, जहां से अमेरिका की सेंट्रल कमांड (जो ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन संभालती है) काम करती है, वहां भी इस हफ्ते दो बार सुरक्षा लॉकडाउन किया गया। सोमवार को एक संदिग्ध पैकेज मिलने के बाद विजिटर सेंटर कई घंटों तक बंद रहा और बुधवार को एक अन्य सुरक्षा घटना के कारण लोगों को कुछ घंटों तक वहीं रहने का आदेश दिया गया। अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को दुनियाभर में अपने दूतावासों को तुरंत सुरक्षा समीक्षा करने का आदेश दिया। इसका कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और उसके संभावित असर बताए गए। सुरक्षा वजहों से सैन्य बेस में रहने लगे हैं अमेरिकी अधिकारी फोर्ट मैकनेयर में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी और पेंटागन के कई वरिष्ठ अधिकारी रहते हैं। आमतौर पर यह बेस राजनीतिक नेताओं के लिए नहीं होता, लेकिन हाल के समय में ट्रम्प प्रशासन के कई अधिकारी सुरक्षा कारणों से यहां रहने लगे हैं। यह बेस व्हाइट हाउस और कैपिटल हिल के काफी करीब है, लेकिन इसकी सुरक्षा व्यवस्था दूसरे सैन्य ठिकानों जितनी मजबूत नहीं मानी जाती। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे ड्रोन खतरे पहले भी सामने आ चुके हैं। 2020 में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी हमले में मौत के बाद ईरान के नेताओं ने बदले की धमकियां दी थीं, जिसके बाद ट्रम्प और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। 2024 के चुनाव प्रचार के दौरान भी ट्रम्प की सुरक्षा टीम को कई बार अज्ञात ड्रोन का सामना करना पड़ा था। उस समय अधिकारियों ने ट्रम्प को बताया था कि ईरान उन्हें निशाना बना सकता है और उसके कई “किल टीम” अमेरिका में मौजूद हैं। हालांकि, उस साल हुए हत्या के प्रयासों को सीधेतौर पर ईरान से जोड़ने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला था। ———————————- अमेरिका से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… वेनेजुएला-ईरान के बाद क्यूबा पर हमला कर सकता है अमेरिका:ट्रम्प बोले- क्यूबा को हासिल करके रहूंगा; 65 साल से दोनों देशों में विवाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोमवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह ‘क्यूबा को अपने कब्जे में लेने’ का इरादा रखते हैं। उन्होंने कहा, “किसी न किसी रूप में क्यूबा को लूंगा… चाहे मैं उसे आजाद करूं या अपने नियंत्रण में ले लूं। मैं उसके साथ कुछ भी कर सकता हूं।” न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक ट्रम्प के इस बयान को काफी चौंकाने वाला माना जा रहा है। अमेरिका के इतिहास में कई राष्ट्रपति क्यूबा के साथ तनावपूर्ण रिश्तों में रहे हैं, लेकिन किसी ने भी इस तरह खुलेतौर पर क्यूबा पर कब्जा करने की बात नहीं कही थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

जरूरत की खबर नवरात्रि व्रत में कैसे रहें एनर्जेटिक:7 जरूरी बातें ध्यान रखें, डाइटीशियन से जानें व्रत में क्या खाएं, क्या न खाएं

की जरूरत खबर- नवरात्रि व्रत में कैसे रहें एनर्जेटिकः 7 जरूरी बातें ध्यान रखें, डायटीशियन से जानें व्रत में क्या खाएं, क्या न खाएं

साइबर लिटरेसी फास्टैग रिचार्ज स्कैम:जानें कैसे फंसते हैं लोग, सस्ते के लालच में न आएं, रिचार्ज कराते हुए बरतें 10 सावधानियां

साइबर लिटरेसी- फास्टैग रिचार्ज स्कैमः जानें कैसे फंसते हैं लोग, सस्ते के लालच में न आएं, रिचार्ज करवाने पर बरतें 10 सावधानियां

भारत में आतंकी घटनाओं में 43% की कमी:पाकिस्तान आतंकवाद से प्रभावित देशों में टॉप पर, अफ्गानिस्तान में सुधार; ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 जारी

भारत में आतंकी घटनाओं में 43% की कमी:पाकिस्तान आतंकवाद से प्रभावित देशों में टॉप पर, अफ्गानिस्तान में सुधार; ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 जारी

वर्ल्ड अपडेट्स:अफगानिस्तान के काबुल में 4.6 तीव्रता का भूकंप

वर्ल्ड अपडेट्स:अफगानिस्तान के काबुल में 4.6 तीव्रता का भूकंप

भास्कर अपडेट्स:सिक्किम के मंगन में 4.1 तीव्रता का भूकंप

भास्कर अपडेट्स:सिक्किम के मंगन में 4.1 तीव्रता का भूकंप

भास्कर अपडेट्स:cji बोले ai को न्यायपालिका को मजबूत करना चाहिए, उसकी जगह नहीं लेनी चाहिए

भास्कर अपडेट्स:CJI बोले-AI को न्यायपालिका को मजबूत करना चाहिए, उसकी जगह नहीं लेनी चाहिए

Leave a Comment

// Function to get current page info for sharing const currentUrl = window.location.href; const pageTitle = document.title; // --- 1. Follow Your Official Pages --- // These links go directly to the URLs you provided // Instagram Follow document.getElementById('wpliteInstagramFollow').addEventListener('click', function() { const instaUrl = 'https://www.instagram.com/worldprime.news?igsh=N3I0azl5ZTd1b3U5&utm_source=qr'; window.open(instaUrl, '_blank'); }); // Facebook Follow document.getElementById('wpliteFacebookFollow').addEventListener('click', function() { const fbUrl = 'https://www.facebook.com/share/1ATWDHQiYR/?mibextid=wwXIfr'; window.open(fbUrl, '_blank'); }); // --- 2. Share Current Page to Others --- // These remain as "Sharing" functions // WhatsApp Share document.getElementById('wpliteWhatsAppShare').addEventListener('click', function() { const whatsappUrl = 'https://api.whatsapp.com/send?text=' + encodeURIComponent(pageTitle + " " + currentUrl); window.open(whatsappUrl, '_blank'); }); // Twitter Share document.getElementById('wpliteTwitterShare').addEventListener('click', function() { const twitterUrl = 'https://twitter.com/intent/tweet?url=' + encodeURIComponent(currentUrl) + '&text=' + encodeURIComponent(pageTitle); window.open(twitterUrl, '_blank'); }); // --- 3. Mobile Native Share (The Floating Button) --- document.getElementById("mobileShareFloatingButton").addEventListener("click", function (e) { e.preventDefault(); if (navigator.share) { navigator.share({ title: pageTitle, url: currentUrl }) .then(() => console.log("Share successful")) .catch(err => console.error("Share failed", err)); } else { alert("Native sharing not supported. Use the icons below!"); } });