क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड राजनीति जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी छत्तीसगढ़

---Advertisement---

कश्मीर में लश्कर के भर्ती मॉड्यूल का खुलासा:पाकिस्तान-बांग्लादेश से चल रहा था नेटवर्क; 3 महीने ट्रेनिंग में मशीन गन और AK-47 चलाना सीखते थे आतंकी

On: मार्च 26, 2026 9:21 अपराह्न
Follow Us:
कश्मीर में लश्कर के भर्ती मॉड्यूल का खुलासा:पाकिस्तान बांग्लादेश से चल रहा था नेटवर्क; 3 महीने ट्रेनिंग में मशीन गन और ak 47 चलाना सीखते थे आतंकी
---Advertisement---

जम्मू-कश्मीर पुलिस की विंग काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने श्रीनगर, गांदरबल और शोपियां जिलों में छापेमारी कर लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकी भर्ती मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क पाकिस्तान और बांग्लादेश से संचालित हो रहा था। CIK ने गुरुवार को 3 जिलों में 10 जगहों पर कोर्ट के आदेश के तहत तलाशी ली। यह कार्रवाई UAPA के तहत दर्ज केस में की गई। जांच में पता चला कि यह मॉड्यूल सीमा पार बैठे हैंडलर्स के साथ मिलकर काम कर रहा था। इसका नेटवर्क बांग्लादेश तक फैला हुआ था। पुलिस के मुताबिक, आतंकियों को 21 दिन की बेसिक और 3 महीने की एडवांस ट्रेनिंग दी जाती थी, जिसमें AK-47, मशीन गन, रॉकेट लॉन्चर और IED बनाना सिखाया जाता था। गांदरबल का शबीर बांग्लादेश से चला रहा मॉड्यूल इस मॉड्यूल को शबीर अहमद लोन नाम का आतंकी चला रहा है, जो गांदरबल के कंगन इलाके का रहने वाला है। वह राजू और जफर सिद्दीकी जैसे नामों से भी सक्रिय है। उसने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हथियारों की ट्रेनिंग ली थी। लोन पहले ओवर ग्राउंड वर्कर था और बाद में लश्कर में शामिल हुआ। वह बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुसा और कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा। बाद में कानूनी कार्रवाई से बचकर बांग्लादेश चला गया। अभी वह बांग्लादेश से ही नेटवर्क ऑपरेट कर रहा है। शबीर का साथी पाकिस्तान-अफगानिस्तान के आतंकियों के संपर्क में था इससे पहले पुलिस ने उसके सहयोगी इरफान अहमद वानी (45 साल) को गिरफ्तार किया था, जो शोपियां का रहने वाला है। वह एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकियों के संपर्क में था और स्थानीय स्तर पर भर्ती और लॉजिस्टिक सपोर्ट दे रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल डिवाइस सहित कई अहम सबूत जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और पूरे आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए सभी संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ——————— आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… किश्तवाड़ में टेरर नेटवर्क का खात्मा:सेना बोली- 326 दिन तक ऑपरेशन चलाया, 7 आतंकी मारे, इनमें जैश कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने X पर 7 आतंकियों की फोटो पोस्ट की और लिखा है कि 326 दिन के बाद किश्तवाड़ से आतंक के नेटवर्क का खात्मा कर दिया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि इन आतंकियों में जैश का कमांडर सैफुल्लाह भी मारा गया है। सैफुल्लाह किश्तवाड़ में आतंक का सरगना था। पूरी खबर पढ़ें…

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Leave a Comment

// Function to get current page info for sharing const currentUrl = window.location.href; const pageTitle = document.title; // --- 1. Follow Your Official Pages --- // These links go directly to the URLs you provided // Instagram Follow document.getElementById('wpliteInstagramFollow').addEventListener('click', function() { const instaUrl = 'https://www.instagram.com/worldprime.news?igsh=N3I0azl5ZTd1b3U5&utm_source=qr'; window.open(instaUrl, '_blank'); }); // Facebook Follow document.getElementById('wpliteFacebookFollow').addEventListener('click', function() { const fbUrl = 'https://www.facebook.com/share/1ATWDHQiYR/?mibextid=wwXIfr'; window.open(fbUrl, '_blank'); }); // --- 2. Share Current Page to Others --- // These remain as "Sharing" functions // WhatsApp Share document.getElementById('wpliteWhatsAppShare').addEventListener('click', function() { const whatsappUrl = 'https://api.whatsapp.com/send?text=' + encodeURIComponent(pageTitle + " " + currentUrl); window.open(whatsappUrl, '_blank'); }); // Twitter Share document.getElementById('wpliteTwitterShare').addEventListener('click', function() { const twitterUrl = 'https://twitter.com/intent/tweet?url=' + encodeURIComponent(currentUrl) + '&text=' + encodeURIComponent(pageTitle); window.open(twitterUrl, '_blank'); }); // --- 3. Mobile Native Share (The Floating Button) --- document.getElementById("mobileShareFloatingButton").addEventListener("click", function (e) { e.preventDefault(); if (navigator.share) { navigator.share({ title: pageTitle, url: currentUrl }) .then(() => console.log("Share successful")) .catch(err => console.error("Share failed", err)); } else { alert("Native sharing not supported. Use the icons below!"); } });