Jaggi Murder Case: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को उम्रकैद (Amit Jogi umrakaid) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर 1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में 6 महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है। (जग्गी हत्याकांड अमित जोगी उम्रकैद)
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि जब सभी आरोपियों पर एक ही अपराध में शामिल होने का आरोप हो, तो किसी एक आरोपी के साथ अलग व्यवहार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि समान सबूत होने की स्थिति में किसी एक को बरी करना और बाकी को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं है, जब तक कि उसे अलग करने का कोई ठोस कारण न हो। (अमित जोगी उम्रकैद सजा)
यह फैसला चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविन्द वर्मा की स्पेशल डिविजन बेंच ने सुनाया। कोर्ट ने अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
जग्गी हत्याकांड क्या है?
4 जून 2003 को रायपुर में एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी।
इस मामले में पहले 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने अमित जोगी को बरी कर दिया था। इसके बाद सतीश जग्गी ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जहां से मामला दोबारा हाईकोर्ट भेजा गया।
हाईकोर्ट ने इससे पहले भी मामले के अन्य दोषियों की अपील खारिज करते हुए उनकी आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था। फिलहाल, अदालत के आदेश के अनुसार अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा।
जानिए कौन थे रामावतार जग्गी (Ramavtar Jaggi Murder Case)
कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे, जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ-साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था।
जग्गी हत्याकांड में 28 लोग पाए गए दोषी
जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे।
Jaggi Murder Case: जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी दोषी करार, 3 हफ्ते में सरेंडर का आदेश









