RTE Admission 2026: शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत प्रवेश को लेकर छत्तीसगढ़ में बड़ा विवाद सामने आया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो निजी स्कूल RTE के तहत एडमिशन देने से इनकार करेंगे या प्रक्रिया में बाधा डालेंगे, उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। (आरटीई एडमिशन 2026)
विभाग ने लोगों से भ्रामक जानकारी से बचने की अपील करते हुए कहा है कि RTE के तहत स्कूलों को प्रतिपूर्ति राशि प्रति बच्चा व्यय के आधार पर दी जाती है। यह राशि सरकारी स्कूलों में प्रति छात्र होने वाले खर्च या निजी स्कूल की फीस, जो भी कम हो, उसके अनुसार तय की जाती है। (आरटीई आवेदन प्रक्रिया)
RTE के तहत 3.5 लाख छात्र पढ़ रहे (RTE Lottery Process)
वर्तमान में राज्य के 6,862 निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत लगभग 3,63,515 स्टूडेंट पढ़ाई कर रहे हैं। इस साल भी पहली कक्षा की लगभग 22,000 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में अप्रैल 2010 से निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 प्रभावी है।
मान्यता रद्द करने पर भी प्राइवेट संघ पीछे नहीं हटेगा: राजीव गुप्ता
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि असहयोग आंदोलन जारी रहेगा। संघ के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग अगर मान्यता रद्द करता है तो भी एसोसिएशन पीछे नहीं हटेगा। हम प्रतिपूर्ति राशि को बढ़ाने के लिए सभी संवैधानिक पहलुओं पर काम कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को धमकाने की कोशिश की है। (Right to Education dispute)
RTE Admission 2026: RTE के तहत नहीं पढ़ सकेंगे गरीब बच्चे ?








