अमेरिका ने पिछले हफ्ते ईरान में फंसे अपने पायलट को सुरक्षित निकालकर दुनिया को चौंकाया था। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे भूसे के ढेर में सुई ढूंढ़ने जैसा बताया था। अब खुलासा हुआ है कि सीआईए ने पहाड़ियों में छिपे पायलट को उसके दिल की धड़कन से खोजा था। इसके लिए पहली बार ‘घोस्ट मर्मर’ नाम का गोपनीय उपकरण इस्तेमाल हुआ। अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ ने सूत्रों के हवाले से ये दावा किया है। ये तकनीक क्वांटम मैग्नेटोमेट्री पर आधारित है। इसमें धड़कन के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फिंगरप्रिंट खोजे जाते हैं। एआई सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड का शोर हटाता है। कार्यक्रम से जुड़े सूत्र ने कहा, अगर आपका दिल धड़क रहा है तो हम आपको ढूंढ़ लेंगे। सूत्र के अनुसार, लापता पायलट ने लोकेटर बीकन चालू किया था। पर सटीक लोकेशन स्पष्ट नहीं थी। निर्णायक क्षण तब आया, जब घोस्ट मर्मर ने उसे ढूंढ़ा। दोनों तकनीकें उपयोगी थीं। बीकन सिग्नल भेजने के लिए वह बाहर आया। यहां सिग्नल से ज्यादा अहमियत बाहर निकलने की थी। सूत्र ने कहा कि घोस्ट मर्मर की गोपनीयता के चलते सब लोग अब तक हैरान हैं कि पायलट वास्तव में कैसे मिला। लोग ये भी नहीं जानते कि इतनी दूरी से ये तकनीक संभव है। वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है ‘घोस्ट मर्मर’ की टेक्नोलॉजी क्या है? क्वांटम मैग्नेटोमेट्री। इंसान का दिल धड़कते वक्त ब?
अमेरिकी अजूबा ‘घोस्ट मर्मर’:ईरान की पहाड़ियों में फंसे पायलट को सीआईए ने इसकी मदद से खोजा, क्वांटम मैग्नेटोमेट्री और एआई पर आधारित है उपकरण
By worldprime
On: अप्रैल 9, 2026 3:17 अपराह्न
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