भारत में मां बनना अब पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित हो गया है। आंकड़ों के अनुसार मातृ मृत्यु दर में गिरावट आई है। 89 प्रतिशत से अधिक प्रसव अब अस्पतालों में हो रहे हैं। लेकिन क्या एक माँ मानसिक रूप से उतनी ही स्वस्थ है जितनी कि शारीरिक रूप से? से? अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, भारत में लगभग 22 प्रतिशत महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान या बच्चे के जन्म के बाद गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि मां की शारीरिक सुरक्षा के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना उतना ही जरूरी है। लेकिन यह समझना ज़रूरी है कि सुरक्षित मातृत्व, स्वस्थ बच्चे के जन्म के साथ-साथ माँ के मानसिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा है। महिलाओं की मानसिक स्थिति से जुड़े खतरों के 4 संकेत और उनसे निपटने के तरीके विशेषज्ञों से जानें सुरक्षित मदरहुड का सही अर्थ, डॉ. सुनीला खंडेलवाल (स्त्री रोग और प्रसूति विशेषज्ञ), डॉ. स्मिता वैद कंसल्टेंट गाइनी और रोबोटिक सर्जन, डॉ. प्रशंसा कैलिफोर्निया (बर्कले यूनि.
‘परफेक्ट मां’ बनने का दबाव: देश की 22% माताएं अवसाद में, हर समय खुश रहने का दबाव खतरनाक
By worldprime
On: अप्रैल 11, 2026 2:41 अपराह्न
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