SSC एग्जाम में इसी साल से अगर कोई सवाल गलत या क्लियर नहीं होगा, तो सभी कैंडिडेट्स को उसके पूरे मार्क्स दिए जाएंगे। साथ ही, फॉर्म भरते वक्त कैंडिडेट्स जो लैंग्वेज चुनेंगे, वे सिर्फ उसी लैंग्वेज में एग्जाम दे सकेंगे। स्टाफ सिलेक्शन कमीशन यानी SSC ने शुक्रवार, 10 अप्रैल को एक नोटिस के जरिए इसकी जानकारी दी। आयोग ने आंसर-की चैलेंज करने को लेकर चैलेंज/ऑब्जेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम 2026 तैयार किया है। इसके तहत आयोग ने नई गाइडलाइंस जारी की है। ये ऑब्जेक्शन सिस्टम आयोग के हर कंप्यूटर बेस्ड एग्जामिनेशन पर लागू होगा। इससे इवैल्युएशन प्रोसेस ज्यादा ट्रांसपरेंट, फेयर और कैंडिडेट फ्रेंडली होगी। नई गाइडलाइन्स के तहत 6 जरूरी बातें : इसके साथ ही आयोग ने ये साफ किया है कि सिर्फ वैलिड ऑब्जेक्शंस ही कंसिडर किए जाएंगे। साथ ही कैंडिडेट्स से आग्रह किया है कि वे गैर-जरूरी ऑब्जेक्शन दर्ज न कराएं। हर एग्जाम के बाद आयोग एक प्रोविजनल आंसर-की जारी करता है। इसमें गलत सवालों पर दर्ज किए गए ऑब्जेक्शन पर आयोग के सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट्स (SMEs) रिव्यू करते हैं। फिर फाइनल आसंर-की तैयार कर रिलीज की जाती है। इसी के आधार पर रिजल्ट तैयार होता है। आयोग को अब तक आसंर-की में गलत सवाल से जुड़ी कई शिकायतें मिली थीं, यहां तक कि आयोग पर RTI और कोर्ट केसेस भी हुए हैं। इसके बाद आयोग ने आंसर-की चैलेंज क
SSC गलत सवाल पर देगा पूरे नंबर:ऑब्जेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम 2026 जारी, कैंडिडेट्स सिलेक्टेड लैंग्वेज में ही दे सकेंगे एग्जाम
By worldprime
On: अप्रैल 11, 2026 4:51 अपराह्न
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