प्रश्न: मैं बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र हूं। मेरी कक्षा की एक लड़की मेरी बहुत अच्छी दोस्त है। हम साथ बैठकर पढ़ते हैं और अपनी निजी बातें भी साझा करते हैं। हम सप्ताहांत पर एक साथ घूमने जाते हैं। पिछले कुछ समय से मुझे लगता है कि मेरे मन में उसके लिए अलग तरह की भावनाएं होने लगी हैं। मैं उसके बारे में सोचता रहता हूँ, लेकिन मुझे समझ नहीं आता कि यह सच्चा प्यार है या सिर्फ आकर्षण। मैं अपनी भावनाओं को कैसे समझूं और इस स्थिति में मुझे क्या करना चाहिए? विशेषज्ञ: डॉ। जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- आप जीवन के उस पड़ाव पर हैं, जहां भावनाएं बहुत तीव्र होती हैं। इस उम्र में किसी की तरफ अट्रैक्ट होना, हर वक्त उसके बारे में सोचना, बेचैनी होना बहुत स्वाभाविक है। ये अच्छी बात है कि आप अपनी भावनाओं को लेकर अवेयर हैं और जल्दबाजी में किसी फैसले से पहले इसे समझना चाहते हैं। चलिए अब आपकी उलझन को सुलझाने की कोशिश करते हैं। प्यार और अट्रैक्शन में फर्क प्यार और अट्रैक्शन के बीच थिन लाइन होती है, दोनों पेट में तितलियों जैसा एहसास कराते हैं। हालांकि, इनके मायने थोड़े अलग हैं। अट्रैक्शन यह आमतौर पर बाहरी चीजों पर निर्भर करता है। जैसे लुक, स्टाइल, बात करने का तरीका, हंसी ?
रिश्ता सलाह – कहीं मुझे प्यार तो नहीं हो गया: हमेशा बस उसी का ख्याल, न देखूं तो बेचैनी, यह प्यार है या सिर्फ आकर्षण
By worldprime
On: अप्रैल 15, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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