30 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में दिसंबर से फरवरी तक जेल में रहे फिल्ममेकर विक्रम भट्ट ने जेल के दर्दनाक दिनों को याद किया है। फिल्ममेकर की मानें तो उन्हें कड़ाके की ठंड की वजह से तेज बुखार हुआ, वो दर्द से कराह रहे थे, लेकिन वहां मौजूद पुलिसवाले उन्हें डॉक्टर के पास तक नहीं ले गए। जेल के कैदियों ने ही मदद की। ऐसे में वो भगवान से लगातार कहते थे कि वो जेल में नहीं मरना चाहते। विक्रम भट्ट ने जेल के दिनों को याद कर ऑफिशियल सोशल मीडिया से लिखा है, पावर ऑफ प्रेयर्स। उदयपुर जेल में मेरी कैद के लगभग तीन हफ्ते बाद, जनवरी की कड़ाके की ठंड में, एक रात मैं बैरक नंबर 10 में तेज बुखार के साथ कांपते हुए उठा। चार कंबल ओढ़ने के बाद भी ऐसा लग रहा था जैसे शरीर पर कुछ भी नहीं है। पास में सो रहे कैदियों ने मेरे लिए और कंबल जुटाए। मैंने पैरासिटामोल ली और सोचा कि ठीक हो जाऊंगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अगली सुबह मैं जेल के अस्पताल गया। वहां थर्मामीटर तक नहीं था। उन्होंने ऑक्सीजन चेक की और कहा कि सब ठीक है। आगे फिल्ममेकर ने लिखा, ‘मैंने कहा, ये मजाक है क्या? मुझे एक्सियल स्पॉनडिलोआर्थिटिस है, जो एक ऑटोइम्यून बीमारी है, और मेरे लिए तेज बुखार खतरनाक हो सकता है। आखिरकार डॉक्टर ने मुझे बाहर अस्पताल ले जाने के लिए एक नोट लिख दिया। लेकिन कोई आया ही नहीं। पहले पुलिस एक VIP की सुरक्षा में व्यस?
जेल में तेज बुखार में तड़पते रहे विक्रम भट्ट:भगवान से कहते थे- मैं यहां नहीं मरना चाहता, 30 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में हुई थी जेल
By worldprime
On: अप्रैल 15, 2026 10:31 पूर्वाह्न
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