आईपीएल ऑक्शन में टीमें करोड़ों रुपये खर्च कर बड़े खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ती हैं। हालांकि, चोट या टीम कॉम्बिनेशन जैसी वजहों से कई महंगे खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन में हैं। मौजूदा सीजन का लगभग एक तिहाई हिस्सा पूरा हो चुका है। सभी टीमें कम से कम 5 मैच खेल चुकी हैं। फिर भी 113 करोड़ या उससे अधिक कीमत वाले 41 ख कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने या तो एक भी मैच नहीं खेला है या केवल एक-दो मुकाबलों तक सीमित रहे हैं। इस सीजन में कई कम कीमत वाले खिलाड़ियों को ज्यादा मौके मिल रहे हैं। नतीजतन, टीमों की बेंच स्ट्रेंथ पर खर्च की गई कुल राशि 200 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुकी है। बस महंगी, वे टॉप में नहीं… दिल्ली-मुंबई अपवाद बेंच स्ट्रेंथ महंगी होने का मतलब है कि टीमें संसाधनों का उचित उपयोग नहीं कर रही हैं। प्रदर्शन में भी इसका असर। रोड़ रु. लखनऊ के 33.20 करोड़ रु. दिल्ली के 29.95 करोड़ रु. चेन्नई के लिए 29.70 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। और कोलकाता के 23 करोड़ रु. IPL ऑक्शन में टीमें करोड़ों रुपए खर्च कर बड़े खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ती हैं। हालांकि, चोट या टीम कॉम्बिनेशन जैसी वजहों से कई महंगे खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना पा रहे हैं। मौजूदा सीजन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा पूरा हो चुका है। सभी टीमें कम से कम 5 मैच खेल चुकी हैं। फिर भी 1 करोड़ या उससे ज्यादा कीमत वाले 41 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो या तो एक भी मैच नहीं खेले हैं या सिर्फ इक्का-दुक्का मुकाबलों तक सीमित रहे हैं। इस सीजन में कई कम कीमत वाले खिलाड़ियों को ज्यादा मौके मिल रहे हैं, जबकि महंगे खिलाड़ी बेंच पर बैठे हैं। नतीजतन, टीमों की बेंच स्ट्रेंथ पर खर्च की गई कुल राशि 200 करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर चुकी है। जिनकी बेंच स्ट्रेंथ सबसे महंगी, वे टॉप में नहीं… दिल्ली- मुंबई अपवाद बेंच स्ट्रेंथ महंगी होने का मतलब है कि टीमें संसाधनों का उचित उपयोग नहीं कर रहीं। प्रदर्शन में भी इसका असर। सनराइजर्स के सर्वाधिक 34 करोड़ रु., लखनऊ के 33.20 करोड़ रु., दिल्ली के 29.95 करोड़ रु., चेन्नई के 29.70 करोड़ रु. और कोलकाता के 23 करोड़ रु. के खिलाड़ी बेंच पर हैं। इनमें से सिर्फ दिल्ली टॉप-4 में है। चेन्नई और कोलकाता तो अंतिम-3 स्थानों पर हैं। मुंबई भी इसका अपवाद है, जिसके सिर्फ 6.25 करोड़ रुपए के खिलाड़ी बेंच पर हैं, इसके बावजूद वह 9वें स्थान पर है। इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण टीमें 11 के बजाय 12 खिलाड़ियों का उप? IPL ऑक्शन में टीमें करोड़ों रुपए खर्च कर बड़े खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ती हैं। हालांकि, चोट या टीम कॉम्बिनेशन जैसी वजहों से कई महंगे खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना पा रहे हैं। मौजूदा सीजन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा पूरा हो चुका है। सभी टीमें कम से कम 5 मैच खेल चुकी हैं। फिर भी 1 करोड़ या उससे ज्यादा कीमत वाले 41 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो या तो एक भी मैच नहीं खेले हैं या सिर्फ इक्का-दुक्का मुकाबलों तक सीमित रहे हैं। इस सीजन में कई कम कीमत वाले खिलाड़ियों को ज्यादा मौके मिल रहे हैं, जबकि महंगे खिलाड़ी बेंच पर बैठे हैं। नतीजतन, टीमों की बेंच स्ट्रेंथ पर खर्च की गई कुल राशि 200 करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर चुकी है। जिनकी बेंच स्ट्रेंथ सबसे महंगी, वे टॉप में नहीं… दिल्ली- मुंबई अपवाद बेंच स्ट्रेंथ महंगी होने का मतलब है कि टीमें संसाधनों का उचित उपयोग नहीं कर रहीं। प्रदर्शन में भी इसका असर। सनराइजर्स के सर्वाधिक 34 करोड़ रु., लखनऊ के 33.20 करोड़ रु., दिल्ली के 29.95 करोड़ रु., चेन्नई के 29.70 करोड़ रु. और कोलकाता के 23 करोड़ रु. के खिलाड़ी बेंच पर हैं। इनमें से सिर्फ दिल्ली टॉप-4 में है। चेन्नई और कोलकाता तो अंतिम-3 स्थानों पर हैं। मुंबई भी इसका अपवाद है, जिसके सिर्फ 6.25 करोड़ रुपए के खिलाड़ी बेंच पर हैं, इसके बावजूद वह 9वें स्थान पर है। इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण टीमें 11 के बजाय 12 खिलाड़ियों का उप?
आईपीएल 2026: 1 करोड़+ वाले 41 खिलाड़ी कम मैच खेले:दावा-कम कीमत वाले खिलाड़ियों को ज्यादा मौके, 200 करोड़ बेंच पर खर्च
By worldprime
On: अप्रैल 19, 2026 8:00 पूर्वाह्न
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