आईपीएल के इस सीजन में गुजरात टाइटंस की ओर से खेल रहे तेज गेंदबाज अशोक शर्मा सुर्खियों में हैं। वजह है- रफ्तार। अशोक नियमित तौर पर 150 किलोमीटर प्रति घंटा से भी अधिक की रफ्तार से खेलते हैं। अशोक की इस कामयाबी ने उनके परिवार के लोगों को आस-पास के इलाके में मशहूर कर दिया है। जहां भी जाता हूं लोग रुक कर अशोक के बारे में पूछते हैं उम्मीद है कि अशोक की सफलता का फायदा अब हमारे गांव को भी मिलेगा। यपुर से महज 35 किलोमीटर दूर है लेकिन हाईवे तक जाने के लिए अच्छी सड़क नहीं है। उम्मीद है यह सड़क जल्द बनेगी और गांव वालों की जिंदगी की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। ंव बुलाने में झिझक, पर जड़ों से गहरा लगाव अक्षय ने भास्कर रिपोर्टर से बातचीत में आगे कहा- हमें लोगों को यहां बुलाने में शर्म आती है, क्योंकि यहां कोई ढंग का रास्ता ही नहीं है’। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से उतरने के बाद गांव तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। इन मुश्किलों के बावजूद, शर्मा परिवार को अपनी ज ड़ों और गांव से बेहद प्यार है। अक्षय बताते हैं कि करोड़ों रुपए की लीग का हिस्सा बनने के बाद भी अशोक सादगी पसंद करते हैं। वे सुबह 5 बजे उठते हैं, मैदान पर दौड़ने जाते हैं, नहीं? IPL के इस सीजन में गुजरात टाइटंस की ओर से खेल रहे तेज गेंदबाज अशोक शर्मा सुर्खियों में हैं। वजह है- रफ्तार। अशोक नियमित तौर पर 150 किलोमीटर प्रति घंटा से भी ज्यादा तेज गेंदें फेंक रहे हैं। अशोक की इस कामयाबी ने उनके परिवार के लोगों को आस-पास के इलाके में मशहूर कर दिया है।अशोक के बड़े भाई अक्षय बताते हैं- भाई ने गांव का नाम रोशन कर दिया है। जहां भी जाता हूं लोग रोक कर अशोक के बारे में पूछते हैं। उम्मीद है कि अशोक की सफलता का फायदा अब हमारे गांव को भी मिलेगा। हमारा गांव जयपुर से महज 35 किलोमीटर दूर है लेकिन हाईवे तक जाने के लिए अच्छी सड़क नहीं है। उम्मीद है यह सड़क जल्द बनेगी और गांव वालों की जिंदगी की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। गांव बुलाने में झिझक, पर जड़ों से गहरा लगाव अक्षय ने भास्कर रिपोर्टर से बातचीत में आगे कहा- हमें लोगों को यहां बुलाने में शर्म आती है, क्योंकि यहां कोई ढंग का रास्ता ही नहीं है।’ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से उतरने के बाद गांव तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। इन मुश्किलों के बावजूद, शर्मा परिवार को अपनी जड़ों और गांव से बेहद प्यार है। अक्षय बताते हैं कि करोड़ों रुपए की लीग का हिस्सा बनने के बाद भी अशोक सादगी पसंद करते हैं। वह अक्सर कहते हैं, ‘कुछ भी हो जाए, अपना गांव नहीं छोड़ेंगे।’ वे सुबह 5 बजे उठते हैं, मैदान पर दौड़ने जाते हैं, ट? IPL के इस सीजन में गुजरात टाइटंस की ओर से खेल रहे तेज गेंदबाज अशोक शर्मा सुर्खियों में हैं। वजह है- रफ्तार। अशोक नियमित तौर पर 150 किलोमीटर प्रति घंटा से भी ज्यादा तेज गेंदें फेंक रहे हैं। अशोक की इस कामयाबी ने उनके परिवार के लोगों को आस-पास के इलाके में मशहूर कर दिया है।अशोक के बड़े भाई अक्षय बताते हैं- भाई ने गांव का नाम रोशन कर दिया है। जहां भी जाता हूं लोग रोक कर अशोक के बारे में पूछते हैं। उम्मीद है कि अशोक की सफलता का फायदा अब हमारे गांव को भी मिलेगा। हमारा गांव जयपुर से महज 35 किलोमीटर दूर है लेकिन हाईवे तक जाने के लिए अच्छी सड़क नहीं है। उम्मीद है यह सड़क जल्द बनेगी और गांव वालों की जिंदगी की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। गांव बुलाने में झिझक, पर जड़ों से गहरा लगाव अक्षय ने भास्कर रिपोर्टर से बातचीत में आगे कहा- हमें लोगों को यहां बुलाने में शर्म आती है, क्योंकि यहां कोई ढंग का रास्ता ही नहीं है।’ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से उतरने के बाद गांव तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। इन मुश्किलों के बावजूद, शर्मा परिवार को अपनी जड़ों और गांव से बेहद प्यार है। अक्षय बताते हैं कि करोड़ों रुपए की लीग का हिस्सा बनने के बाद भी अशोक सादगी पसंद करते हैं। वह अक्सर कहते हैं, ‘कुछ भी हो जाए, अपना गांव नहीं छोड़ेंगे।’ वे सुबह 5 बजे उठते हैं, मैदान पर दौड़ने जाते हैं, ट?
भाई आईपीएल हीरो बना, उम्मीद है गांव में सड़क बनेगी:150 की स्पीड वाले अशोक शर्मा ने पिता को स्कूटी गिफ्ट की
By worldprime
On: अप्रैल 22, 2026 7:30 पूर्वाह्न
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