आईपीएल 2135 में ‘कैच पकड़ो, मैच जीतो’ वाली पुरानी कहावत उलटती नजर आ रही है। इस सीजन में खराब फील्डिंग टीमों पर भारी पड़ रही है, जहां हर 163 में से करीब 216 कैच छूट रहे हैं। नतीजा यह है कि बल्लेबाजों को मिले ‘जीवनदान’ सीधे मैच का रुख बदल रहे हैं। अब तक लगे 2986 शतकों में से 225 ऐसे बल्लेबाजों ने बनाए हैं, जिन्हें कम से कम एक बार कैच छोड़ा है। शुरुआती 41 मैचों तक कैचिंग एफिशिएंसी सिर्फ 80.25% रही है, जो 2018 के बाद से पांचवां सबसे खराब प्रदर्शन है। पिछले सीजन में यह आंकड़ा 75.89% था। इसके बाद बल्लेबाज के 40+ रन; 78 प्रतिशत मैच हारी टीमें कैच टपकाने का खामियाजा टीमों को हार के रूप में चुकाना पड़ रहा है। इनमे से 14 मैचों में (लगभग 78%) फील्डिंग करने वाली टीम को हार झेलनी पड़ी। यह आंकड़ा पिछले नौ आईपीएल सत्रों में सबसे अधिक रहा है। कैच छूटने के बाद बल्लेबाज औसतन 17 रन जोड़ रहे हैं, जो 2018 के बाद से सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। दिल्ली को 5 में से 3 हार तब मिली, जब उन्होंने किसी का कैच नहीं पकड़ा। छोड़ा और उसने मैच जिताऊ प्रदर्शन किया। इसमें सैमसन (115*), अभिषेक (135*) के शतक हैं। इन 3 मौकों पर कैच छोड़ना पड़ा टीमों पर भारी एक ही दिन में रिकॉर्ड 16 कैच छूटे, इस 25 अप्रैल को सीजन के सातवें डबल हेडर के दो मैचों में रिक? IPL 2026 में ‘कैच पकड़ो, मैच जीतो’ वाली पुरानी कहावत उलटती नजर आ रही है। इस सीजन में खराब फील्डिंग टीमों पर भारी पड़ रही है, जहां हर 100 में से करीब 20 कैच छूट रहे हैं। नतीजा यह है कि बल्लेबाजों को मिले ‘जीवनदान’ सीधे मैच का रुख बदल रहे हैं। अब तक लगे 9 शतकों में से 5 ऐसे बल्लेबाजों ने बनाए हैं, जिन्हें कम से कम एक बार कैच छोड़कर मौका दिया गया। शुरुआती 41 मैचों तक कैचिंग एफिशिएंसी सिर्फ 80.25% रही है, जो 2018 के बाद से पांचवां सबसे खराब प्रदर्शन है। पिछले सीजन में यह आंकड़ा 75.89% था। जीवनदान के बाद बैटर के 40+ रन; 78 प्रतिशत मैच हारी टीमें कैच टपकाने का खामियाजा टीमों को हार के रूप में चुकाना पड़ रहा है। मौजूदा सीजन में 18 पारियां ऐसी रही हैं, जहां जीवनदान पाने वाले बल्लेबाज ने 40+ रन बनाए। इनमें से 14 मैचों में (लगभग 78%) फील्डिंग करने वाली टीम को शिकस्त झेलनी पड़ी। यह आंकड़ा पिछले नौ आईपीएल सीजनों में सबसे खराब है। कैच छूटने के बाद बैटर्स औसतन 17 रन जोड़ रहे हैं, जो 2018 के बाद से सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। दिल्ली को 5 में से 3 हार तब मिलीं, जब उन्होंने किसी का कैच छोड़ा और उसने मैच जिताऊ प्रदर्शन किया। इसमें सैमसन (115*), अभिषेक (135*) के शतक हैं। इन 3 मौकों पर कैच छोड़ना पड़ा टीमों पर भारी एक ही दिन में रिकॉर्ड 16 कैच छूटे, इससे रिकॉर्ड 986 रन बन गए 25 अप्रैल को सीजन के सातवें डबल हेडर के दो मैचों में रिक? IPL 2026 में ‘कैच पकड़ो, मैच जीतो’ वाली पुरानी कहावत उलटती नजर आ रही है। इस सीजन में खराब फील्डिंग टीमों पर भारी पड़ रही है, जहां हर 100 में से करीब 20 कैच छूट रहे हैं। नतीजा यह है कि बल्लेबाजों को मिले ‘जीवनदान’ सीधे मैच का रुख बदल रहे हैं। अब तक लगे 9 शतकों में से 5 ऐसे बल्लेबाजों ने बनाए हैं, जिन्हें कम से कम एक बार कैच छोड़कर मौका दिया गया। शुरुआती 41 मैचों तक कैचिंग एफिशिएंसी सिर्फ 80.25% रही है, जो 2018 के बाद से पांचवां सबसे खराब प्रदर्शन है। पिछले सीजन में यह आंकड़ा 75.89% था। जीवनदान के बाद बैटर के 40+ रन; 78 प्रतिशत मैच हारी टीमें कैच टपकाने का खामियाजा टीमों को हार के रूप में चुकाना पड़ रहा है। मौजूदा सीजन में 18 पारियां ऐसी रही हैं, जहां जीवनदान पाने वाले बल्लेबाज ने 40+ रन बनाए। इनमें से 14 मैचों में (लगभग 78%) फील्डिंग करने वाली टीम को शिकस्त झेलनी पड़ी। यह आंकड़ा पिछले नौ आईपीएल सीजनों में सबसे खराब है। कैच छूटने के बाद बैटर्स औसतन 17 रन जोड़ रहे हैं, जो 2018 के बाद से सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। दिल्ली को 5 में से 3 हार तब मिलीं, जब उन्होंने किसी का कैच छोड़ा और उसने मैच जिताऊ प्रदर्शन किया। इसमें सैमसन (115*), अभिषेक (135*) के शतक हैं। इन 3 मौकों पर कैच छोड़ना पड़ा टीमों पर भारी एक ही दिन में रिकॉर्ड 16 कैच छूटे, इससे रिकॉर्ड 986 रन बन गए 25 अप्रैल को सीजन के सातवें डबल हेडर के दो मैचों में रिक?
आईपीएल 2026- हर 100 में से 20 कैच छूटेः 9 खिलाड़ियों के शतक, इनमें से 5 ने जीवनदान के बाद लगाई सेंचुरी
By worldprime
On: मई 2, 2026 8:01 पूर्वाह्न
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