सऊदी अरब की राजधानी रियाद 6 जुलाई को दुनिया के सबसे बड़े गेमिंग मंच में बदलने जा रही है। यहां लगातार तीसरे साल ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप आयोजित होगा, जिसमें कर इसमें 2000 खिलाड़ी भाग लेंगे। ये खिलाड़ी 24 अलग-अलग वीडियो गेम्स में मुकाबला करेंगे और 75 मिलियन डॉलर यानी करीब 711 करोड़ रुपये की प्राइज मनी के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। पिछले कुछ समय से सऊदी ई-स्पोर्ट्स को लगातार बढ़ावा दे रहा है और इसमें निवेश कर रहा है। सऊदी अरब के ई-स्पोर्ट्स में निवेश के पीछे तीन मुख्य कारण हैं- – एक। पहला कारण युवा आबादी है- सऊदी अरब की करीब दो-तिहाई आबादी 35 साल से कम उम्र की है। यह पीढ़ी डिजिटल दुनिया और गेमिंग से गहराई से जुड़ी हुई है। सरकार चाहती है कि इन युवाओं को सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि करियर और रोजगार के नए मौके भी मिलें। इसमें गेमिंग, स्ट्रीमिंग, कंटेंट क्रिएशन और इवेंट मैनेजमेंट जैसे कई क्षेत्र खुलते हैं। तेल पर निर्भरता कम करना भी इसकी वजह है – सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था अभी भी काफी हद तक तेल और गैस पर टिकी हुई है। ऐसे में सरकार ‘विजन 2030’ के तहत नई इंडस्ट्रीज को बढ़ावा दे रही है, ताकि भविष्य में अर्थव्यवस्था ज्यादा स्थिर और विविध हो सके। सऊदी अरब की राजधानी रियाद 6 जुलाई को दुनिया के सबसे बड़े गेमिंग मंच में बदलने जा रही है। यहां लगातार तीसरे साल ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप आयोजित होगा, जिसमें करीब 2000 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ये खिलाड़ी 24 अलग-अलग वीडियो गेम्स में मुकाबला करेंगे और 75 मिलियन डॉलर यानी करीब 711 करोड़ रुपए की प्राइज मनी के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। सऊदी पिछले कुछ समय से ई-स्पोर्ट्स को लगातार बढ़ावा दे रहा है और इसमें निवेश कर रहा है। सऊदी अरब के ई-स्पोर्ट्स में निवेश के पीछे तीन मुख्य कारण हैं- 1. पहला कारण युवा आबादी है- सऊदी अरब की करीब दो-तिहाई आबादी 35 साल से कम उम्र की है। यह पीढ़ी डिजिटल दुनिया और गेमिंग से गहराई से जुड़ी हुई है। देश में लगभग 67% लोग गेम खेलते हैं, यानी करीब 2.35 करोड़ लोग। सरकार चाहती है कि इन युवाओं को सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि करियर और रोजगार के नए मौके भी मिलें। ई-स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में गेमिंग, स्ट्रीमिंग, कंटेंट क्रिएशन और इवेंट मैनेजमेंट जैसे कई क्षेत्र खुलते हैं। 2. तेल पर निर्भरता कम करना भी इसकी वजह है – सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था अभी भी काफी हद तक तेल और गैस पर टिकी हुई है। लेकिन वैश्विक स्तर पर ऊर्जा के विकल्प तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में सरकार ‘विजन 2030’ के तहत नई इंडस्ट्रीज को बढ़ावा दे रही है, ताकि भविष्य में अर्थव्यवस्था ज्यादा स्थिर और विविध हो सके। ? सऊदी अरब की राजधानी रियाद 6 जुलाई को दुनिया के सबसे बड़े गेमिंग मंच में बदलने जा रही है। यहां लगातार तीसरे साल ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप आयोजित होगा, जिसमें करीब 2000 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ये खिलाड़ी 24 अलग-अलग वीडियो गेम्स में मुकाबला करेंगे और 75 मिलियन डॉलर यानी करीब 711 करोड़ रुपए की प्राइज मनी के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। सऊदी पिछले कुछ समय से ई-स्पोर्ट्स को लगातार बढ़ावा दे रहा है और इसमें निवेश कर रहा है। सऊदी अरब के ई-स्पोर्ट्स में निवेश के पीछे तीन मुख्य कारण हैं- 1. पहला कारण युवा आबादी है- सऊदी अरब की करीब दो-तिहाई आबादी 35 साल से कम उम्र की है। यह पीढ़ी डिजिटल दुनिया और गेमिंग से गहराई से जुड़ी हुई है। देश में लगभग 67% लोग गेम खेलते हैं, यानी करीब 2.35 करोड़ लोग। सरकार चाहती है कि इन युवाओं को सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि करियर और रोजगार के नए मौके भी मिलें। ई-स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में गेमिंग, स्ट्रीमिंग, कंटेंट क्रिएशन और इवेंट मैनेजमेंट जैसे कई क्षेत्र खुलते हैं। 2. तेल पर निर्भरता कम करना भी इसकी वजह है – सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था अभी भी काफी हद तक तेल और गैस पर टिकी हुई है। लेकिन वैश्विक स्तर पर ऊर्जा के विकल्प तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में सरकार ‘विजन 2030’ के तहत नई इंडस्ट्रीज को बढ़ावा दे रही है, ताकि भविष्य में अर्थव्यवस्था ज्यादा स्थिर और विविध हो सके। ?
सऊदी अरब ई-स्पोर्ट्स की दुनिया में कदम जमा रहा:वजह- तेल पर निर्भरता कम करना; जुलाई में होगा वर्ल्ड कप, 2000 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे
By worldprime
On: मई 2, 2026 4:55 अपराह्न
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