साउथ कोरिया ने अपना पहला ह्यूमनॉइड रोबोट पेश किया है। इसका नाम गाबी रखा गया है और ये दुनिया का पहला ह्यूमनॉइड रोबोट भिक्षु है। राजधानी सियोल के जोग्ये मंदिर में एक दीक्षा समारोह में इस रोबोट को औपचारिक रूप से बौद्ध धर्म के शिष्य के रूप में शामिल किया गया। AI और धर्म के इस मेल का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में रोबोट ट्रेडिशनल चोला पहनकर मंच के सामने आता है, जहां उसे माला पहनाकर दीक्षा के लिए शिष्य बनाने की शुरुआत की गई। रोबोट को बुद्ध पूर्णिमा के उत्सव में भी पेश किया जाएगा। मंत्रों का उच्चारण कर सकता है ‘गाबी’ चीन के Unitree G1 ह्यूमनॉइड प्लेटफॉर्म पर बेस्ड ‘गाबी’ की बॉडी इंसानों जैसी है। यह आसानी से चल सकता है और इशारों में बात कर सकता है। यह मंत्रों का उच्चारण करने और अनुष्ठानों में झुककर प्रणाम करने में भी सक्षम है। गाबी को दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े बौद्ध संप्रदाय ‘जोग्ये ऑर्डर’ ने डेवलप किया है। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग में बौद्ध धर्म को आधुनिक बनाना और युवा पीढ़ी को धर्म से जोड़ना है। 130 सेंटीमीटर लंबे रोबोट ने भिक्षुओं द्वारा पहना जाने वाला पारंपरिक ग्रे और भूरे रंग का चोला पहना था। जब एक वरिष्ठ भिक्षु ने गाबी से पूछा कि क्या वह खुद को बौद्ध धर्म के लिए समर्पित करेगा, तो रोबोट ने जवाब दिया, ‘हां, मैं खुद को समर्पित करूंगा।’ इसके बाद रो?
साउथ कोरिया के मंदिर में रोबोट बना बौद्ध भिक्षु VIDEO:माला और ट्रेडिशनल चोला पहनकर शिष्य बनने की दीक्षा ली, इंसानों की तरह हाथ जोड़े
By worldprime
On: मई 7, 2026 2:51 अपराह्न
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