सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए सीएम होंगे। कोलकाता में कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया। बैठक के बाद अमित शाह ने उनके नाम का ऐलान किया। इसके बाद सुवेंदु लोकभवन में राज्यपाल से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया। सुवेंदु कल सुबह 11 बजे कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में PM मोदी, शाह समेत NDA के कई बड़े नेता शामिल होंगे। उधर शाह ने विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ममता जी के शासन में अपराधी राजनेता बन गए तो विकास की गुंजाइश ही नहीं रही। हम घुसपैठ, हिंसा, कट मनी खत्म करेंगे। महिला सुरक्षा टॉप प्रायोरिटी होगी। 56 साल के सुवेंदु ने CM ममता बनर्जी को भवानीपुर से हराया है। वे नंदीग्राम से भी लगातार दूसरी बार चुनाव जीते। यहां से 2021 में उन्होंने ममता को हराया था। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में 207 सीटें जीती हैं। शाह ने सुवेंदु को माला पहनाई, गले लगाया; 803 तस्वीरें… 6 फैक्टर, जिससे इकलौती पसंद बने शुभेंदु 1. नौ चुनाव लड़े, 1 ही हारे 2. धरात्रीप की पहचान ▪ शाह ने स्पष्ट कहा था, बंगाल में नेतृत्व बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि बंगाल की मिट्टी से जुड़ा व्यक्ति करेगा। शुभेंदु इसमें फिट बैठते हैं। 3. बड़ा कार्यकर्ता आधार ▪ केवल मंच के नेता नहीं, संगठन मशीन’ माने जाते हैं। मेदिनीपुर से जंगलमहल व उत्तर बंगाल तक समर्पित कार्यकर्ता आधार है। 4. प्रशासनिक अनुभव है ▪ 2016-2020 तक ममता की सरकार में परिवहन, सिंचाई और पर्यावरण जैसे विभाग संभाले। सरकार चलाने का ज्यादा अनुभव है। 5. हिंदुत्व का प्रखर चेहरा ▪ हिंदुत्व के प्रखर चेहरे के रूप में उभरे। ‘जय श्री राम’ उद्घोष के साथ बंगाल की पारंपरिक संस्कृति (रवींद्र जयंती, दुर्गा पूजा) को जोड़ा। 6. मेदिनीपुर की विरासत ▪ मेदिनीपुर उनके पिता शिशिर अधिकारी की राजनीतिक विरासत है। इस प्रभाव ने भाजपा को वहां जीत दिलाई, जहां वो नगण्य थी। आध्यात्मिक इतने कि घरवाले डरते थे, बेटा संन्यासी न बन जाए 1970 में पूर्व मेदिनीपुर के कोंतली गांव में जन्मे शुभेंदु का बचपन से ही आस्था की ओर झुकाव है। हर शनिवार रामकृष्ण मिशन जाना उनका तय रूटीन था। वे बचपन में इतने धार्मिक थे कि घरवालों को डर लगने लगा था कहीं बेटा संन्यासी न बन जाए। घर में जमा सिक्के भी चुपचाप मिशन में दान कर आते थे। परिवार को लगता था, कभी भी घर छोड़ सकते हैं। लेकिन शुभेंदु ने दूसरा फैसला लिया… सन्यास नहीं, राजनीति करेंगे और शादी भी नहीं करेंगे। 80 के दशक के अंत में कांथी के प्रभात कुमार कॉलेज से छात्र राजनीति शुरू हुई। धीरे-धीरे पूर्व मेदिनीपुर में अपनी अलग पहचान बना ली। शाह के संबोधन की 5 बड़ी बातें; कहा- बंगाल में भाजपा का झंडा फहराने का सपना पूरा नई सरकार गठन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
सुवेंदु बंगाल के CM होंगे, राज्यपाल से मिले:सरकार बनाने का दावा पेश किया; कल शपथ; शाह बोले- महिला सुरक्षा टॉप प्रायोरिटी
By worldprime
On: मई 8, 2026 5:05 पूर्वाह्न
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