रायपुर : छत्तीसगढ़ में हॉर्टिकल्चर योजनाओं के तहत आपूर्ति की जाने वाली सामग्री को लेकर स्टेट “GST” विभाग ने एक बड़ा घोटाला पकड़ा और अवैध वसूली के नेटवर्क के खिलाफ फौरी जाँच शुरू की| असलियत का खुलासा होते ही संदेही कारोबारियों और हॉर्टिकल्चर विभाग के तत्कालीन अधिकारियों को तलब किया गया | इस बीच विधानसभा चुनाव 2023 की गहमा-गहमी के चलते “GST” विभाग की जाँच अधर में लटक गई| मामला राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना अंतर्गत संरक्षित खेती से संबंधित शेडनेट के निर्माण से जुड़ा बताया जाता है | यह भी बताया जाता है,कि बीजेपी सरकार के गठन होते ही इस मामले की फाइल भी “GST” विभाग से नदारद कर दी गई है | नतीजतन,ढाई साल बाद भी विभाग ने ना तो संदेही फ़र्मों के खिलाफ FIR दर्ज कराई और ना ही किसानों से अवैध रूप से वसूली गई लाखों की रकम की वापसी को लेकर कोई वैधानिक कार्यवाही को अंजाम दिया| हॉर्टिकल्चर विभाग में पदस्थ तत्कालीन अधिकारियों ने भारत सरकार की गाइड लाइन के विपरीत सब्सिडी फंड की मोटी रकम पर हाथ साफ़ कर दिया था | यही नहीं, शेडनेट हाउस के निर्माण में केंद्र सरकार की गाइड लाइन और प्रावधानों को धत्ता बताते हुए किसानों को लाखों का चूना लगा दिया गया | जबकि,1 हज़ार करोड़ से ज्यादा की रकम की सुनियोजित “GST” चोरी का मय दस्तावेज खुलासा हुआ है| यह भी पढ़े : यूपी में योगी कैबिनेट का विस्तार, भूपे
छत्तीसगढ़ में 1 हज़ार करोड़ का “GST” घोटाला,सब्सिडी के नाम पर किसानों से 20 हज़ार नगदी के बजाए वसूले 11 लाख रुपए , FIR दर्ज़ कराने के बजाए दागी फर्म पर “GST” विभाग की मेहरबानी…
By worldprime
On: मई 10, 2026 6:32 अपराह्न
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