रेसलर विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ में विवाद के बीच हरियाणा की ओलंपियन पहलवान साक्षी मलिक विनेश फोगाट के सपोर्ट में उतर आई हैं। मलिक ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर डब्ल्यूएफआई पर सवाल खड़े किए। साक्षी ने कहा, “अन्य देशों की स्पोर्ट्स फेडरेशन अपने खिलाड़ियों के लिए नियम आसान बनाती हैं, लेकिन हम अपने खिलाड़ियों के लिए नियम आसान नहीं बना पाते। वहीं, हमारी डब्ल्यूएफआई दो-तीन दिन पहले ऐसे नियम लागू कर देती है कि विनेश वापसी न कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि मेरा प्रधानमंत्री, खेल मंत्री और रेसलिंग फेडरेशन से अनुरोध है कि विनेश का ट्रायल लिया जाए, ताकि वह भी देश के लिए पदक जीत सकें और देश का नाम रोके। ऐसा उदाहरण स्थापित किया जाए कि अपने देश में भी महिलाएं मां बनने के बाद खेल सकती हैं और मेडल जीत सकती हैं। शुरू हुआ… 4 मई को डोपिंग एजेंसी का विनेश को नोटिस 4 मई को इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (आईटीए) ने रेसलर विनेश फोगाट को डोपिंग टेस्ट में शामिल न होने के कारण नोटिस भेजा। आईटीए ने कहा कि वह 18 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में डोप टेस्ट के लिए शामिल नहीं हुईं। विनेश को 7 मई तक जवाब देने के लिए कहा गया। हालांकि, विनेश ने दावा किया था कि 19 जनवरी 2021 को वह डोप टेस्ट में शामिल नहीं हुईं। 2026 को आईटीए को सूचित कर दिया था कि वह 18 दिसंबर 2025 को विधानसभा के शीतकालीन सत्र रेसलर विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ में विवाद के बीच हरियाणा की ओलिंपियन पहलवान साक्षी मलिक विनेश फोगाट के सपोर्ट में उतर आई हैं। मंगलवार को साक्षी मलिक ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट पर WFI पर सवाल खड़े किए। साक्षी ने कहा, “दूसरे देशों की स्पोर्ट्स फेडरेशन अपनी खिलाड़ियों के लिए नियम आसान बनाती हैं, ताकि वहां महिलाएं मां बनने के बाद भी देश के लिए खेल सकें और मेडल जीत सकें। वहीं, हमारी WFI दो-तीन दिन पहले ऐसे नियम लागू कर देती है कि विनेश वापसी न कर सकें।” साक्षी ने आगे कहा कि “मेरा प्रधानमंत्री, खेलमंत्री और रेस्लिंग फेडरेशन से अनुरोध है कि विनेश का ट्रायल लिया जाए, ताकि वह भी देश के लिए मेडल जीत सकें और देश का नाम रोशन कर सकें। ऐसा उदाहरण स्थापित किया जाए कि अपने देश में भी महिलाएं मां बनने के बाद खेल सकती हैं और मेडल जीत सकती हैं।” जानिए विनेश और WFI के बीच विवाद कैसे शुरू हुआ… 4 मई को डोपिंग एजेंसी का विनेश को नोटिस 4 मई को इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने रेसलर विनेश फोगाट को डोपिंग टेस्ट में शामिल न होने के कारण नोटिस भेजा था। ITA ने कहा कि वह 18 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में डोप टेस्ट के लिए शामिल नहीं हुईं। विनेश को 7 मई तक जवाब देने को कहा गया। हालांकि, विनेश ने दावा किया था कि 19 जनवरी 2026 को ITA को सूचित कर दिया था कि वह 18 दिसंबर 2025 को विधानसभा के शीतकालीन सत्र रेसलर विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ में विवाद के बीच हरियाणा की ओलिंपियन पहलवान साक्षी मलिक विनेश फोगाट के सपोर्ट में उतर आई हैं। मंगलवार को साक्षी मलिक ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट पर WFI पर सवाल खड़े किए। साक्षी ने कहा, “दूसरे देशों की स्पोर्ट्स फेडरेशन अपनी खिलाड़ियों के लिए नियम आसान बनाती हैं, ताकि वहां महिलाएं मां बनने के बाद भी देश के लिए खेल सकें और मेडल जीत सकें। वहीं, हमारी WFI दो-तीन दिन पहले ऐसे नियम लागू कर देती है कि विनेश वापसी न कर सकें।” साक्षी ने आगे कहा कि “मेरा प्रधानमंत्री, खेलमंत्री और रेस्लिंग फेडरेशन से अनुरोध है कि विनेश का ट्रायल लिया जाए, ताकि वह भी देश के लिए मेडल जीत सकें और देश का नाम रोशन कर सकें। ऐसा उदाहरण स्थापित किया जाए कि अपने देश में भी महिलाएं मां बनने के बाद खेल सकती हैं और मेडल जीत सकती हैं।” जानिए विनेश और WFI के बीच विवाद कैसे शुरू हुआ… 4 मई को डोपिंग एजेंसी का विनेश को नोटिस 4 मई को इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने रेसलर विनेश फोगाट को डोपिंग टेस्ट में शामिल न होने के कारण नोटिस भेजा था। ITA ने कहा कि वह 18 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में डोप टेस्ट के लिए शामिल नहीं हुईं। विनेश को 7 मई तक जवाब देने को कहा गया। हालांकि, विनेश ने दावा किया था कि 19 जनवरी 2026 को ITA को सूचित कर दिया था कि वह 18 दिसंबर 2025 को विधानसभा के शीतकालीन सत्र
विनेश फोगाट के सपोर्ट में उतरीं साक्षी मलिक: बोलीं- मैच से पहले WFI ने ऐसे नियम बनाए, जिससे वह कमबैक न कर पाए
By worldprime
On: मई 12, 2026 12:12 अपराह्न
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