देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) के रद्द होने के पीछे की असली कहानी सामने आ गई है। भास्कर को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा है। माफिया ने पेपर लीक को छिपाने के लिए इसे ‘गेस पेपर’ का नाम दिया, ताकि जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकी जा सके। ‘गेस पेपर’ में NEET के 120 से ज्यादा सवाल हूबहू मिल गए। यही ‘गेस पेपर’ राजस्थान सहित 10 राज्यों में परीक्षा के 3 सप्ताह पहले सर्कुलेट हो चुका था। अब इस मामले की कमान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने संभाल ली है। मंगलवार रात CBI की टीम जयपुर स्थित स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) मुख्यालय पहुंच गई। उधर, SOG की जांच में सामने आया है कि शुभम खैरनार ने प्रिंटिंग प्रेस से लीक कर पेपर पुणे में बेचा। इसके बाद गुरुग्राम में ये पेपर खरीदा गया था। इसके बाद जयपुर के दो भाइयों दिनेश और मांगीलाल ने सबसे पहले पेपर खरीदा था। आरोपियों ने 26-27 अप्रैल को गुरुग्राम की एक गैंग को 30 लाख रुपए दिए थे। इस मामले में पेपर शेयर करने वाले सीकर के कंसल्टेंट राकेश मंडावरिया सहित अन्य कई लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। उनसे अब पूछताछ जारी है। आरोप है कि राकेश ने ये पेपर हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और असम तक बेच दिया। नासिक से लीक, पुणे में पहली बिक्री और फिर 10 राज्यों में जाल जांच में सामने आ?
NEET पेपरलीक- शक से बचने के लिए ‘गेस पेपर’ बनाया:राजस्थान सहित 10 राज्यों में परीक्षा के 3 सप्ताह पहले सर्कुलेट हुआ, CBI जयपुर पहुंची
By worldprime
On: मई 13, 2026 7:38 पूर्वाह्न
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