जर्मनी के एक बेहद छोटे से कस्बे अल्वर्सबर्ग ने फुटबॉल की दुनिया में एक बड़ा चमत्कार कर दिखाया है। महज 13 हजार लोगों की आबादी वाले इस इलाके की टीम ‘एसवी अल्वर बर्ग ने पहली बार जर्मनी की सबसे बड़ी और मशहूर फुटबॉल लीग ‘बुंडेसलीगा’ के लिए क्वालीफाई किया है। इसके साथ ही एल्वर्सबर्ग बुंडेसलीगा में पहुंचने वाला सबसे युवा खिलाड़ी है। छोटा क्लब और यह टॉप लीग खेलने वाली जर्मनी की 133वीं टीम बन गई है। क्वालीफिकेशन के एक अहम मुकाबले में एल्वर्सबर्ग ने प्रुसेन मुंस्टर को 3-0 से करारी शिकस्त दी और मैच के शुरुआती 15 मिनट में ही बंबासे कोंटे और डेविड मोकवा ने गोल दागकर टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया था। अफ में मोकवा ने एक और गोल कर टीम की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित कर दी। 1907 में बनी यह टीम 2021-22 तक जर्मनी की चौथी लीग (फोर्थ टियर) में खेलती थी। पिछले 5 वर्षों में यह टीम पिछले सीजन (2024-25) में भी वे बुंडेसलीगा में जाने के बेहद करीब थे, लेकिन प्लेऑफ के 95वें मिनट में हीडेनहाइम से गोल खाकर उनका दिल टूट गया था। इस झटके के बाद उनके सफल कोच होर्स्ट स्टीफन और 5 प्रमुख खिलाड़ी टीम छोड़कर चले गए थे। लेकिन नए हेड कोच विन्सेंट वैगनर ने हार नहीं मानी। बंबासे कोंटे, विंगर लुकास पेटकोव (13 गोल, 7 असिस्ट) और जनवरी में लोन पर आए जर्मनी के एक बेहद छोटे से कस्बे एल्वरसबर्ग ने फुटबॉल की दुनिया में एक बड़ा चमत्कार कर दिखाया है। महज 13 हजार लोगों की आबादी वाले इस इलाके की टीम ‘एसवी एल्वरसबर्ग’ ने पहली बार जर्मनी की सबसे बड़ी और मशहूर फुटबॉल लीग ‘बुंदेसलीगा’ के लिए क्वालिफाई किया है। इसके साथ ही एल्वरसबर्ग बुंदेसलीगा में पहुंचने वाला सबसे छोटा क्लब और यह टॉप लीग खेलने वाली जर्मनी की 59वीं टीम बन गई है। क्वालिफिकेशन के एक अहम मुकाबले में एल्वरसबर्ग ने प्रूसेन मुंस्टर को 3-0 से करारी शिकस्त दी और पॉइंट टेबल में दूसरा स्थान पक्का कर लिया। मैच के शुरुआती 15 मिनट में ही बंबासे कोंटे और डेविड मोकवा ने गोल दागकर टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया था। दूसरे हाफ में मोकवा ने एक और गोल कर टीम की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित कर दी। 1907 में बनी यह टीम 2021-22 तक जर्मनी की चौथी लीग (फोर्थ टियर) में खेलती थी। पिछले 5 सालों में यह उनका तीसरा प्रमोशन है। पिछले सीजन (2024-25) में भी वे बुंदेसलीगा में जाने के बेहद करीब थे, लेकिन प्लेऑफ के 95वें मिनट में हीडेनहाइम से गोल खाकर उनका दिल टूट गया था। उस झटके के बाद उनके सफल कोच होर्स्ट स्टीफन और 5 प्रमुख खिलाड़ी टीम छोड़कर चले गए थे। लेकिन नए हेड कोच विन्सेंट वैगनर ने हार नहीं मानी। उन्होंने हॉफेनहाइम से लोन पर आए बंबासे कोंटे, विंगर लुकास पेटकोव (13 गोल, 7 असिस्ट) और जनवरी में जर्मनी के एक बेहद छोटे से कस्बे एल्वरसबर्ग ने फुटबॉल की दुनिया में एक बड़ा चमत्कार कर दिखाया है। महज 13 हजार लोगों की आबादी वाले इस इलाके की टीम ‘एसवी एल्वरसबर्ग’ ने पहली बार जर्मनी की सबसे बड़ी और मशहूर फुटबॉल लीग ‘बुंदेसलीगा’ के लिए क्वालिफाई किया है। इसके साथ ही एल्वरसबर्ग बुंदेसलीगा में पहुंचने वाला सबसे छोटा क्लब और यह टॉप लीग खेलने वाली जर्मनी की 59वीं टीम बन गई है। क्वालिफिकेशन के एक अहम मुकाबले में एल्वरसबर्ग ने प्रूसेन मुंस्टर को 3-0 से करारी शिकस्त दी और पॉइंट टेबल में दूसरा स्थान पक्का कर लिया। मैच के शुरुआती 15 मिनट में ही बंबासे कोंटे और डेविड मोकवा ने गोल दागकर टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया था। दूसरे हाफ में मोकवा ने एक और गोल कर टीम की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित कर दी। 1907 में बनी यह टीम 2021-22 तक जर्मनी की चौथी लीग (फोर्थ टियर) में खेलती थी। पिछले 5 सालों में यह उनका तीसरा प्रमोशन है। पिछले सीजन (2024-25) में भी वे बुंदेसलीगा में जाने के बेहद करीब थे, लेकिन प्लेऑफ के 95वें मिनट में हीडेनहाइम से गोल खाकर उनका दिल टूट गया था। उस झटके के बाद उनके सफल कोच होर्स्ट स्टीफन और 5 प्रमुख खिलाड़ी टीम छोड़कर चले गए थे। लेकिन नए हेड कोच विन्सेंट वैगनर ने हार नहीं मानी। उन्होंने हॉफेनहाइम से लोन पर आए बंबासे कोंटे, विंगर लुकास पेटकोव (13 गोल, 7 असिस्ट) और जनवरी में
‘एसवी एल्वर्सबर्ग’ पहली बार ‘बुंडेसलीगा’ के लिए क्वालीफाईः 1907 में बना एल्वर्सबर्ग जर्मन लीग में खेलने वाला सबसे छोटा और कुल 59वां क्लब बनेगा
By worldprime
On: मई 21, 2026 1:40 अपराह्न
---Advertisement---