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शुभेंदु PA हत्याकांड-नाम के कंफ्यूजन में गिरफ्तार हुआ राज सिंह:क्लीनचिट मिली तो बलिया लौटा, बोला- लगता था एनकाउंटर हो जाएगा

On: मई 21, 2026 4:53 अपराह्न
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‘सर, इन सब चीजों से मेरा कोई वास्ता नहीं है। उन लोगों ने मेरी बात नहीं मानी। डरा-धमकाकर कहते रहे कि बोल- तूने कैसे किया? मुझे कोलकाता ले जाया गया। हर समय डर लगता था कि कहीं मेरा फर्जी एनकाउंटर न कर दें, क्योंकि मुझे वहां की भाषा नहीं आती। फिर CBI आई। उसने मुझे दिलासा दिया। कहा- अगर तुम गलत नहीं हो तो तुम्हारे साथ गलत नहीं होगा।’ यह सब कहते हुए बलिया के राज सिंह की आंखें भर गईं। उन्हें बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या में एसओजी ने संदिग्ध शूटर के तौर पर 11 मई को अयोध्या से उठाया था। फिर बंगाल पुलिस साथ ले गई थी। राज सिंह वहां 10 दिन पुलिस, सीआईडी और सीबीआई की कस्टडी में रहे। फिर उन्हें CBI कोर्ट ने बरी कर दिया। राज गुरुवार को अपने घर पहुंचे। मां से गले लिपट गए और दोनों रोने लगे। उनके घर लौटने से उत्सव जैसा माहौल है। दैनिक भास्कर टीम भी राज सिंह के घर पहुंची, उनसे बातचीत की। राज सिंह ने बताया- यह सब गलतफहमी में हुआ है। बंगाल पुलिस को मुख्य शूटर राजकुमार सिंह को उठाना था। लेकिन, नाम में कंफ्यूजन की वजह से मुझे उठा लिया। राज सिंह ने हमारे हर सवाल का खुलकर जवाब दिया, पढ़िए सवाल: आपको किस तरह और कहां से हिरासत में लिया गया? राज सिंह: मैं 10 मई को अयोध्या रामजी के दर्शन करने गया था। वहां मुझे एसओजी टीम ने गिरफ्तार कर लिया। कोई हत्या हुई थी, उसी के आरोप में। मैं अपने परिवार के फंक्शन में बिजी था, इसलिए न्यूज पर ध्यान नहीं दे रहा था। उन्हीं लोगों ने बताया कि किसी PA की हत्या हुई है। उसी केस में मुझे गिरफ्तार किया गया। मैं एसओजी टीम से बोलता रह गया कि सर, इन सब चीजों से मेरा कोई वास्ता नहीं है। लेकिन, उन लोगों ने मेरी बात नहीं मानी। डरा-धमकाकर कहते रहे कि बोल- तूने कैसे किया, क्या किया? जबकि मैंने हर एक सबूत दे दिया कि मैं यहीं था, कहीं नहीं गया। लेकिन, वो लोग नहीं माने और मुझे कोलकाता भेज दिया। सवाल: कोलकाता जाने के बाद आपको वहां पुलिस के हवाले किया गया या सीबीआई के? राज सिंह: वहां मुझे पहले कोलकाता पुलिस के हवाले किया गया। वहां पर सीआईडी भी थी। सीआईडी ब्यूरो ऑफिस में मुझे रखा गया था। शायद 3 दिन रखा गया। मुझे डर लगता था कि कहीं मेरा फर्जी एनकाउंटर ना कर दें, क्योंकि वहां की भाषा मुझे नहीं आती। वो लोग आपस में क्या बात करते थे, समझ में नहीं आता था। मुझे अपराधी की नजर से देखते थे। उनकी मानसिकता समझ में आ जाती थी। उससे मैं बहुत डर गया था। लेकिन, फिर सीबीआई आई। सीबीआई ने मुझे दिलासा देते हुए कहा कि अगर तुम गलत नहीं हो तो तुम्हारे साथ गलत नहीं होगा। सवाल: सीबीआई कितने दिनों बाद आपके पास पहुंची? राज सिंह: 423 दिन बाद सीबीआई मुझसे मिली। उसके बाद मुझे कोर्ट ले जाया गया। सवाल: सीबीआई ने आपसे क्या पूछताछ की? आपने क्या एविडेंस दिया? राज सिंह: सीबीआई ने मुझसे पूछा कि 6 तारीख को तुम कहां-कहां थे?

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