पिछले कुछ वर्षों में देश में डिजिटल अरेस्ट स्कैम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के अनुसार, वर्ष 2024 तक डिजिटल अरेस्ट और धोखाधड़ी के मामले बढ़ जाएंगे। इससे जुड़े साइबर अपराधों के 1.23 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए जिनमें से लगभग 1,935.51 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई। वहीं 2025 के शुरुआती दो महीनों में ही 17,718 मामले सामने आए, जिनमें से सबसे ज्यादा धोखाधड़ी की गई। हैरानी की बात यह है कि शिक्षित लोग भी इस घोटाले का शिकार हो रहे हैं। हाल ही में, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ‘अभय’ नामक एक घोटाले को अंजाम दिया। इस उपकरण से सीबीआई के नाम पर भेजे गए फर्जी नोटिस को सत्यापित करने में मदद मिलेगी। इससे लोगों को डिजिटल अरेस्ट और साइबर धोखाधड़ी जैसे स्कैम से बचाया जा सकेगा। आज के ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में हम CBI के ‘ABHAY’ चैटबॉट के बारे में विस्तार से बात करेंगे। यॉरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- ‘अभय’ क्या है? उत्तर- यह एक एआई आधारित हेल्पबॉट (एक प्रकार का चैटबॉट) है, जिसे सीबीआई ने नोटिस सत्यापन के लिए लॉन्च किया है। प्रश्न- ‘ABHAY’ नाम का क्या अर्थ है? उत्तर- ‘ABHAY’ का अर्थ है – भय से मुक्त। यानी इस चैटबॉट का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक, सतर्क और निडर बनाना है। प्रश्न- इसे क्यों लॉन्च किया गया? चला गया? उत्तर: पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल अराजकता
साइबर लिटरेसी- डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड से बचाएगा ‘ABHAY’: जानें कैसे काम करेगा ये चैटबॉट, कैसे पहचानें, सरकारी नोटिस असली है या नकली
By worldprime
On: मई 24, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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