पश्चिम बंगाल की फालता सीट पर रविवार को आए चुनावी नतीजे में भाजपा को जीत मिली। बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने 1 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें 1.49 लाख से ज्यादा वोट मिले। CPI(M) के उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी 40 हजार वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे। वहीं चुनाव से पीछे हटने वाले TMC के जहांगीर चौथे नंबर पर रहे। फालता में 74 साल के इतिहास में भाजपा ने पहली बार जीत हासिल की है। 1952 से 2006 तक यह कांग्रेस और CPI(M) का गढ़ था। 153 के बाद लगातार तीन बार टीएमसी जीती थी। फालता में जीत के साथ भाजपा की बंगाल में कुल सीटें 208 हो गईं हैं। 4 मई को आए रिजल्ट में भाजपा को 207 सीटें मिलीं थीं। टीएमसी के खाते में सिर्फ 22 सीटे हैं। फालता में भाजपा की जीत की 288.13 तस्वीरें… भाजपा को TMC उम्मीदवार से 229 लाख ज्यादा वोट मिले बंगाल चुनाव: फालता में सबसे बड़े अंतर से जीत का रिकॉर्ड पश्चिम बंगाल की सभी 286.71 सीटों पर हुए चुनाव में फालता में सबसे बड़े अंतर से जीत का रिकॉर्ड बना। देबांग्शु ने 229,260,20173 के अंतर से जीत दर्ज की। उनका वोट शेयर 22017% रहा। इससे पहले 217 मई को आए नतीजे में मातिगारा-नक्सलबाड़ी सीट से भाजपा के आनंदमय बर्मन ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 2100,265 वोटों के अंतर से हराया था। यानी कि इस चुनाव में सबसे ज्यादा मार्जिन से दो बड़ी जीतें भाजपा के नाम ही हैं। पीएम बोले- यह डराने-धमकाने वाली ताकतों की हार है पीएम मोदी ने सोशल मीडिया X पर लिखा- फालता के लोगों ने अपना फैसला सुना दिया है। लोकतंत्र की जीत हुई है और डराने-धमकाने वाली ताकतों की हार। फालता में रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल करने के लिए देबांग्शु पांडा जी को बधाई। यह पश्चिम बंगाल की जनता का BJP के प्रति अटूट विश्वास दर्शाता है। साउथ 24 परगना जिले में भाजपा 11 सीटें जीतीं, फालता इसी जिले में फालत साउथ 24 परगना जिले के अंतर्गत आता है। जिले में कुल 31 सीटे हैं। फालता को मिलाकर बीजेपी ने यहां 11 सीटें जीत लीं। फालता, सागर, काकद्वीप, गोसाबा और सोनारपुर के साथ जादवपुर, टॉलीगंज, बेहला पूर्व-पश्चिम जैसे शहरी इलाकों में भी बीजेपी ने पहली बार जीत दर्ज की। हालांकि बासंती, कुलतली, रायदीघी और बजबज जैसी सीटों पर TMC अपनी पकड़ बचाने में सफल रही। फालता में 173 मई को रिपोलिंग, 2% बढ़ गया था मतदान फालता में 285 बूथों पर 21 मई को दोबारा मतदान कराया गया था। रीपोलिंग में वोटिंग करीब 2% बढ़ गई। चुनाव आयोग के मुताबिक यहां 88.13% मतदान हुआ। इससे पहले, 29 अप्रैल को इसी सीट पर 86.71% मतदान हुआ था। आधिकारिक तौर पर इस सीट के लिए छह उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने दोबारा मतदान से कुछ दिन पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि, उनकी ओर से ये बात लिखित में दिए जाने की सूचना नहीं थी। रीपोलिंग के दौरान EVM में उनका नाम और सिंबल मौजूद था। फालता में दोबारा वोटिंग क्यों हुई, क्या आरोप लगे थे 29 अप्रैल को मतदान के बाद फालता क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था। उस दिन कई बूथों से शिकायतें मिली थीं कि EVM पर भाजपा के सिंबल पर टेप चिपकाया गया। तत्कालीन ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता ने खुद निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया और जांच-पड़ताल की। कम से कम 60 बूथों में छेड़छाड़ के सबूत मिले। EVM में कथित हेरफेर के अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि कई मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों में फुटेज के साथ भी छेड़छाड़ करने की कोशिशें की गई थीं। बंगाल में 15 साल बाद ममता का राज खत्म ———————- ये खबर भी पढ़ें… कोलकाता में ममता बनर्जी की डिजाइन की गई मूर्ति तोड़ी; CM शुभेंदु ने कहा था- गिरा देंगे बंगाल सरकार ने शनिवार को कोलकाता में सॉल्ट लेक स्टेडियम के बाहर लगी मूर्ति को तुड़वा दिया। इसे पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डिजाइन किया था। 2017 में पश्चिम बंगाल में आयोजित हुए फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप से पहले लगाया गया था। तब सॉल्ट लेक स्टेडियम को अपग्रेड करने पर ₹100 करोड़ खर्च हुए थे। पूरी खबर पढ़ें…
बंगाल के फालता में पहली बार भाजपा जीती:CPI(M) कैंडिडेट को 1.09 लाख वोटों से हराया, चुनाव से हटे TMC के जहांगीर को 7783 वोट
By worldprime
On: मई 24, 2026 5:05 पूर्वाह्न
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