नौतापा में गर्मी अपने चरम पर है। भारत के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। तेज धूप के साथ चलने वाली गर्म हवाओं से लू (हीटस्ट्रोक) का खतरा बढ़ गया है। बुखार होने पर शरीर की शीतलन प्रणाली ठीक से काम नहीं कर पाती है। समय पर इलाज न होने पर यह स्थिति जानलेवा हो सकती है। हालांकि, दैनिक दिनचर्या में कुछ आवश्यक बदलाव करके लू के जोखिम से काफी हद तक बचा जा सकता है। आज नौतापा में लू के रिस्क को समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि – एक्सपर्ट: डॉ. अली शेर, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल – लू क्या है और नौटपा में ये क्यों बढ़ता है? उत्तर – लू (हीटवेव) गर्म और शुष्क हवा है जो गर्मियों में चलती है। प्रश्न – लू और सामान्य गर्मी में क्या अंतर है? उत्तर: दोनों की गंभीरता और शरीर पर प्रभाव थोड़ा अलग होता है। सामान्य गर्मी लू (हीटवेव) प्रश्न: क्या सिर्फ धूप में रहने से लू लगती है? उत्तर – नहीं, सिर्फ धूप में रहने से लू नहीं लगती। लू का कारण शरीर का जरूरत से ज्यादा गर्म होना होता है, जो कई परिस्थितियों में हो सकता है जैसे – प्रश्न – लू लगना क्या संकेत हैं?
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By worldprime
On: मई 28, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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