नौतापा में गर्मी चरम पर है। देश के कई हिस्सों में तापमान 45°C से ऊपर पहुंच गया है। चिलचिलाती धूप, उमस और अधिक पसीने से त्वचा संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यह तापमान और आर्द्रता बैक्टीरिया और फंगस के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। इससे दाद, खुजली और रैशेज जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। समय पर लक्षणों की पहचान करें और सही बचाव उपाय करें। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ के एक अध्ययन के अनुसार, गर्मी में पसीना और नमी बढ़ने पर त्वचा अधिक सूखी हो जाती है। यह कई प्रकार की त्वचा समस्याओं के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि – एक्सपर्ट: डॉ. विजय सिंघल, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली प्रश्न – स्किन इंफेक्शन क्या होता है? जवाब: जब बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या अन्य रोगाणु त्वचा के संपर्क में आकर बढ़ने लगते हैं। वास्तव में, हमारी त्वचा शरीर को रोगाणुओं से बचाती है, लेकिन कटाव, खरोंच, घाव या चोट लगने पर अधिक नमी और पसीने के कारण, ये रोगाणु त्वचा के अंदर जाते हैं और शरीर को प्रभावित करते हैं, जिससे त्वचा संक्रमण होता है। शन किस तरह का होता है? उत्तर: यह इस बात पर निर्भर करता है कि संक्रमण किस प्रकार के रोगाणुओं के कारण हुआ है।
आवश्यक समाचार- गर्मियों में त्वचा संक्रमण: धुंध, उमस और पसीने से बढ़ता स्किन रैश, त्वचा विशेषज्ञ से जानें बचाव के 10 टिप्स
By worldprime
On: मई 31, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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