Rajnandgaon News: राजनांदगांव जिले के सोमनी थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को गलत जांच रिपोर्ट के आधार पर गर्भवती बताकर थाने में रातभर प्रताड़ित किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने सोमनी थाना प्रभारी (TI) अमन नामदेव और महिला हवलदार राजश्री सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।![]()
जानकारी के अनुसार, बीमार नाबालिग को उपचार के लिए सोमनी अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल में स्थानीय स्तर पर खरीदी गई जांच किट से की गई जांच में उसे गर्भवती बताया गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने नाबालिग को थाने में रोककर रातभर पूछताछ की।
परिजनों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान बच्ची को भूखा रखा गया। महिला पुलिसकर्मी ने उसके साथ मारपीट की, गला दबाया और चेहरा भी नोच डाला। परिवार का कहना है कि पुलिस लगातार उस पर किसी युवक का नाम बताने का दबाव बनाती रही।
अगले दिन बच्ची की सोनोग्राफी कराई गई, जिसमें गर्भवती होने की रिपोर्ट पूरी तरह गलत साबित हुई। सोनोग्राफी रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद मामले का खुलासा हुआ और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्ची मानसिक रूप से गहरे सदमे में है और जब तक दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होती, विरोध जारी रहेगा।
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीएसपी केपी मरकाम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इधर, अस्पताल में इस्तेमाल की गई जांच किट की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित किट जीवन दीप समिति के माध्यम से स्थानीय स्तर पर खरीदी गई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नेतराम नवरत्न ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं। किट के नमूनों को फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है ताकि गलत रिपोर्ट आने के कारणों का पता लगाया जा सके।
वहीं, छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। आयोग जल्द ही पीड़ित बच्ची और उसके परिवार से मुलाकात कर मामले की समीक्षा कर सकता है। साथ ही पुलिस विभाग से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

