सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम में जब कॉपियां धुंधली दिखने और चेकिंग में गड़बड़ी की शिकायतें आईं। इसके बाद रांची के 17 साल के छात्र सार्थक सिद्धांत ने सिर्फ शिकायत ही नहीं की, बल्कि सिस्टम की ही पोल खोल दी। 12वीं (2024-26 बैच) के इस छात्र ने सीबीएसई के 576 टेंडर दस्तावेजों को खंगाला और एक ब्लॉग के जरिए ओएसएम का ठेका देने की प्रक्रिया में हुई भारी अनियमितताओं को उजागर कर दिया। सार्थक के इस खुलासे की गूंज संसद तक पहुंची। स्थायी समिति ने मामले पर संज्ञान लिया। इसके बाद सरकार को सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को पद से हटाना पड़ा। दरअसल, 13 मई को CBSE ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। इस बार पहली बार कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन (OSM सर्विस) पर चेक की गई थीं। रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने नंबरों को लेकर शिकायत की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई है। सवाल: कैसे ख्याल आया कि ओएसएम में गड़बड़ी हुई है? जवाब: निसर्ग अधिकारी जो खुद 12वीं का स्टूडेंट है, उसने इन गड़बड़ियों को अपने ब्लॉग में लिखा। जब निसर्ग अधिकारी ने मुझे अपना सारा ब्लॉग पोस्ट पढ़ाया तो मुझे लगा कि सीबीएसई ने ऐसे इनसिक्योर प्लेटफॉर्म को टेंडर क्यों दिया है? मैंने टेंडर्स के बारे में पता किया। सरकारी पोर्टल पर मुझे कोई टेंडर्स नहीं मिले, तो मैंने टेंडर एग्रीगेटर वेब?
‘कम नंबर आए तो जानना चाहता था ऐसा क्यों हुआ’:इनसिक्योर प्लेटफॉर्म को टेंडर क्यों दिया; सार्थक के खुलासे से CBSE चेयरमैन की कुर्सी गई
By worldprime
On: जून 4, 2026 3:44 अपराह्न
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