CG Double Murder: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के चलते दो सगे भाइयों की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। बाराद्वार थाना क्षेत्र के ग्राम तांदुलडीह में हुए दोहरे हत्याकांड में मां, दो बहनों और एक भाई को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।
मामला अक्टूबर 2024 का है। पुलिस जांच में सामने आया था कि परिवार उज्जैन के एक कथित बाबा से प्रभावित था और लंबे समय से तंत्र साधना एवं धार्मिक अनुष्ठानों में लिप्त था। घटना से पहले परिवार के सदस्य सात दिनों तक घर के एक कमरे में बंद होकर पूजा-पाठ और साधना कर रहे थे।
दोनों भाइयों ने किया था विरोध
जांच के अनुसार, परिवार की बड़ी बेटी अमरिका सिदार करीब छह वर्ष पहले उज्जैन से गुरु दीक्षा लेकर आई थी। इसके बाद घर में तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास का प्रभाव लगातार बढ़ता गया। मृतक विकास सिदार (25) और विक्की सिदार (22) इन गतिविधियों का विरोध करते थे और परिवार को इससे दूर रहने की सलाह देते थे।
पुलिस का आरोप है कि इसी विरोध के चलते परिवार के अन्य सदस्यों ने दोनों भाइयों को रास्ते से हटाने की साजिश रची। उन्हें विशेष पूजा और साधना में शामिल होने के बहाने बुलाया गया, जहां कथित रूप से पानी में कीटनाशक मिलाकर पिलाया गया और बाद में गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी गई।
पड़ोसियों की सूचना पर खुला राज
लगातार सात दिनों तक परिवार के घर से बाहर नहीं निकलने और अंदर से अजीब आवाजें आने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के भीतर तंत्र साधना और धार्मिक अनुष्ठान चल रहे थे। कमरे में परिवार के दो युवक अचेत अवस्था में पड़े मिले, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
एफएसएल जांच में मिले अहम सुराग
घटना के बाद पुलिस, एफएसएल और मेडिकल टीम ने संयुक्त जांच की। घटनास्थल से पूजा सामग्री, धार्मिक साहित्य, जड़ी-बूटियां, कीटनाशक और अन्य संदिग्ध वस्तुएं बरामद की गईं। जांच के दौरान परिजनों, ग्रामीणों और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए।
अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए। करीब डेढ़ वर्ष तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने मां, दो बहनों और एक भाई को दोहरे हत्याकांड का दोषी मानते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक उदय वर्मा ने पैरवी की।




