एग्जाम एजेंसी NTA के बाद अब UPSC को भी छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। 24 मई 2026 को UPSC सिविल सर्विस प्रीलिम्स का एग्जाम हुआ। उम्मीदवारों ने इस साल के पेपर को यूपीएससी का अब तक का सबसे टफ पेपर बताया है। उम्मीदवार छात्र और कोचिंग एक्सपर्ट इसके पैटर्न को लेकर आक्रोश में हैं। इस साल 2025 के मुकाबले कम कैंडिडेट्स क्वालिफाई हुए हैं। UPSC प्रीलिम्स परीक्षा 2025 में कुल 14,161 कैंडिडेट्स क्वालिफाई हुए थे। इस साल 13,343 कैंडिडेट्स ने ये परीक्षा पास की है। इस साल ऐसे कई छात्र हैं जो टफ और बदले एग्जाम पैटर्न की वजह से एग्जाम क्वालिफाई नहीं कर पाए। Heavy forces deployed in Old Rajinder Nagar due to the UPSC Prelims 2026 protest. Aspirants have gathered to raise concerns regarding the Prelims paper, while police presence has been increased to maintain law and order. pic.twitter.com/1epxXKNiiB— UPSC NOTES (@UPSC_Notes) June 15, 2026 दिल्ली में हुआ विरोध प्रदर्शन और हंगामा रिजल्ट से पहले ही दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर क्षेत्र में कुछ उम्मीदवारों ने यूपीएससी प्रीलिम्स एग्जाम पैटर्न को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन और हंगामा किया था। उम्मीदवारों का कहना है कि इस बार प्रश्नों का पैटर्न पिछले सालों से काफी अलग, अधिक लंबा और उम्मीद से ज्यादा कठिन था। रिपोर्टों के अनुसार, यूपीएससी प्रीलिम्स क्वेश्चन पेपर में बिना बताए किए गए बदलाव की वजह से हर साल के पेपर पर आधारित उम्मीदवारों की तैयारी प्रभावित हुई। इससे एलिजिबल कैंडिडेट्स भी एग्जाम क्वालिफ
NEET के बाद, UPSC सिविल सर्विस भर्ती पर भी विवाद:प्रीलिम्स का पैटर्न बदलने का आरोप, पिछले साल से कम कैंडिडेट्स ने क्वालिफाई किया
By worldprime
On: जून 16, 2026 4:06 अपराह्न
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