दिसंबर 2021, इंदौर का क्रिकेट मैदान अंडर-13 इंटर डिवीजनल ट्रॉफी में चंबल और शहडोल संभाग के मुकाबले के दौरान एक 13 वर्षीय बल्लेबाज ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा उन्होंने 248 गेंदों में 425 रनों की विस्फोटक पारी खेली जिसमें 87 चौके शामिल थे यह कोई एक दिन का कमाल नहीं था अगले दो मैचों में उन्होंने 43 और 391 रन बनाकर अपनी असाधारण प्रतिद्वंद्विता की। यह युवा बल्लेबाज था- ग्वालियर का यशवर्धन सिंह चौहान। उसने महज चार मैचों में बिना कोई छक्का लगाए 1091 रन बनाए और 197 चौके जड़े। यशवर्धन को बीसीसीआई ने श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 टीम की कप्तानी सौंपी है। ग्वालियर से इंटरनेशनल क्रिकेट तक का सफर कैसा रहा है? और उनके कोच और परिवार की क्या भूमिका रही है? आगे विस्तार से पढ़ें- यश दाएं हाथ के बल्लेबाज और ऑफ ब्रेक गेंदबाज हैं। हाल ही में कूच बिहार ट्रॉफी 2025-26 में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से ऐतिहासिक ऑलराउंड किया। उन्होंने 8 मैचों में 57 विकेट चटकाने के साथ 42.31 की शानदार औसत से 550 रन बनाए। इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया। निरंतरता और क्लास को देखते हुए उनका चयन हाल ही में भारत की अंडर-19 टीम के लिए किया गया। यशवर्धन की कप्तानी में टीम 4 जुलाई 2026 से श्रीलंका के हंबनटोटा में। वनडे दिसंबर 2021, इंदौर का क्रिकेट मैदान। अंडर-13 इंटर डिवीजनल ट्रॉफी में चंबल और शहडोल संभाग के मुकाबले के दौरान एक 13 वर्षीय बल्लेबाज ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
उसने 248 गेंदों में 425 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 87 चौके शामिल थे। यह कोई एक दिन का कमाल नहीं था। अगले दो मैचों में उसने 235 और 391 रन बनाकर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया।
यह युवा बल्लेबाज था- ग्वालियर का यशवर्धन सिंह चौहान। उसने महज चार मैचों में बिना कोई छक्का लगाए 1091 रन बनाए और 197 चौके जड़े।
चार साल बाद उसी यशवर्धन को बीसीसीआई ने श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 टीम की कप्तानी सौंपी है।
नए कप्तान के खेल में क्या खास है? ग्वालियर से इंटरनेशनल क्रिकेट तक का सफर कैसा रहा है? और उनके कोच और परिवार की क्या भूमिका क्या रही है?
आगे विस्तार से पढ़िए- यश दाएं हाथ के बल्लेबाज और ऑफ-ब्रेक गेंदबाज हैं। हाल ही में कूच बिहार ट्रॉफी 2025-26 में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से ऐतिहासिक ऑलराउंड प्रदर्शन किया। 8 मैचों में 57 विकेट चटकाने के साथ 42.31 की शानदार औसत से 550 रन बनाए।
इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया। उनके प्रदर्शन में निरंतरता और क्लास को देखते हुए उनका चयन हाल ही में भारत की अंडर- 19 टीम के लिए किया गया। यशवर्धन की कप्तानी में टीम 4 जुलाई 2026 से श्रीलंका के हंबनटोटा में तीन वनडे दिसंबर 2021, इंदौर का क्रिकेट मैदान। अंडर-13 इंटर डिवीजनल ट्रॉफी में चंबल और शहडोल संभाग के मुकाबले के दौरान एक 13 वर्षीय बल्लेबाज ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
उसने 248 गेंदों में 425 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 87 चौके शामिल थे। यह कोई एक दिन का कमाल नहीं था। अगले दो मैचों में उसने 235 और 391 रन बनाकर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया।
यह युवा बल्लेबाज था- ग्वालियर का यशवर्धन सिंह चौहान। उसने महज चार मैचों में बिना कोई छक्का लगाए 1091 रन बनाए और 197 चौके जड़े।
चार साल बाद उसी यशवर्धन को बीसीसीआई ने श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 टीम की कप्तानी सौंपी है।
नए कप्तान के खेल में क्या खास है? ग्वालियर से इंटरनेशनल क्रिकेट तक का सफर कैसा रहा है? और उनके कोच और परिवार की क्या भूमिका क्या रही है?
आगे विस्तार से पढ़िए- यश दाएं हाथ के बल्लेबाज और ऑफ-ब्रेक गेंदबाज हैं। हाल ही में कूच बिहार ट्रॉफी 2025-26 में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से ऐतिहासिक ऑलराउंड प्रदर्शन किया। 8 मैचों में 57 विकेट चटकाने के साथ 42.31 की शानदार औसत से 550 रन बनाए।
इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया। उनके प्रदर्शन में निरंतरता और क्लास को देखते हुए उनका चयन हाल ही में भारत की अंडर- 19 टीम के लिए किया गया। यशवर्धन की कप्तानी में टीम 4 जुलाई 2026 से श्रीलंका के हंबनटोटा में तीन वनडे
अंडर-19 के कप्तान यशवर्धन ने बिना सिक्सर 1 हजार रन बनाए: 8 मैचों में 57 विकेट लिए; राहुल द्रविड़ का बेटा भी कप्तानी में खेलेगा
By worldprime
On: जून 17, 2026 7:10 पूर्वाह्न
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