ED यानी प्रवर्तन निदेशालय ने ज्वेलरी बनाने वाली कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स और उसके प्रमोटर्स से जुड़े मुंबई और बेंगलुरु के 9 ठिकानों पर छापेमारी की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच एजेंसी ने ये कार्रवाई FEMA यानी फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के तहत की। जांच के दौरान कंपनी के बही-खातों और असली स्टॉक में अंतर देखने को मिला है। साथ ही कंपनी पर विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन और हेराफेरी के आरोप हैं। हाल ही में मार्केट रेगुलेटर सेबी ने भी कंपनी और उसके चेयरमैन को शेयर मार्केट से बैन कर दिया था। स्टॉक से 40% कम मिला असली सोना ED के मुताबिक, कंपनी के खातों में जितना सोना दिखाया गया था, मौके पर फिजिकल स्टॉक उससे 40% कम मिला है। इसके अलावा जांच में यह भी पता चला है कि बेनामीदारों के जरिए राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के शेयरों का कई बार लेन-देन किया गया था। इस पूरी हेराफेरी के जरिए देश से बाहर करीब 20 मिलियन डॉलर यानी करीब 190 करोड़ रुपए गैर-कानूनी तरीके से भेजे गए हैं। ₹3000 करोड़ का संदिग्ध इंपोर्ट और अफ्रीका की खदानों में गुप्त निवेश ED फिलहाल तीन बतों पर जांच कर रही है… सेबी का आरोप: ₹15.15 लाख करोड़ का फर्जी रेवेन्यू दिखाया राजेश एक्सपोर्ट्स का रेवेन्यू (करोड़ रुपए में)
राजेश एक्सपोर्ट्स के 9 ठिकानों पर ED की छापा:₹190 करोड़ विदेश भेजने और 40% सोना कम मिलने का आरोप; सेबी ने मार्केट से बैन किया
By worldprime
On: जून 24, 2026 4:14 अपराह्न
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