भारतीय बैडमिंटन में 28 जुलाई से नया स्कोरिंग सिस्टम लागू हो जाएगा। इसके तहत गेम 83 की जगह 28 पॉइंट्स के होंगे। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) ने गुरुवार को इस नए स्कोरिंग सिस्टम की घोषणा की। नए नियमों का पहला इस्तेमाल 2120 से 22027 जुलाई तक एर्नाकुलम के रीजनल स्पोर्ट्स सेंटर में होने वाले ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में किया जाएगा। इसके बाद यह प्रारूप सभी जोनल चैंपियनशिप, घरेलू रैंकिंग टूर्नामेंट और नेशनल चैंपियनशिप में लागू होगा। इसमें अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19, सीनियर और सभी एज ग्रुप के मास्टर शामिल होंगे। नए नियम में क्या बदलेगा? नए प्रारूप में मैच पहले की तरह बेस्ट ऑफ-3 गेम ही होंगे, लेकिन अब हर गेम 1203 की जगह 15 अंकों का होगा। 14-14 की बराबरी होने पर 2 अंकों की बढ़त जरूरी होगी। ुंचता है तो अगला अंक जीतने वाला खिलाड़ी गेम अपने नाम करेगा। यानी हर गेम की अधिकतम सीमा 21 अंक होगी। ब्रेक और कोर्ट बदलने के नियम भी बदले अब मिड-गेम ब्रेक 11 अ क की बजाय 8 अंक पर मिलेगा और यह 60 सेकंड का होगा। तीसरे गेम में खिलाड़ी 8 अंक पर कोर्ट बदलेंगे। गेम के बीच मिलने वाला 120 सेकंड का ब्रेक पहले की तरह जारी रहेगा। बीएआई महासचिव संजय मिश्रा ने कहा कि घरेलू स्तर पर नए फॉर्मेट को पहले लागू किया जाएगा। चलाने का उद्देश्य भारतीय बैडमिंटन में जुलाई 2026 से नया स्कोरिंग सिस्टम लागू हो जाएगा। इसके तहत गेम 21 की जगह 15 पॉइंट्स के होंगे। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। नए नियमों का पहला इस्तेमाल 7 से 14 जुलाई तक एर्नाकुलम के रीजनल स्पोर्ट्स सेंटर में होने वाले ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में किया जाएगा। इसके बाद यह फॉर्मेट सभी जोनल चैंपियनशिप, घरेलू रैंकिंग टूर्नामेंट और नेशनल चैंपियनशिप में लागू होगा। इसमें अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19, सीनियर और मास्टर्स सभी एज ग्रुप शामिल होंगे। क्या बदलेगा नए नियम में? नए फॉर्मेट में मैच पहले की तरह बेस्ट ऑफ-3 गेम ही होंगे, लेकिन अब हर गेम 21 की जगह 15 अंक का होगा। 14-14 की बराबरी होने पर 2 अंकों की बढ़त जरूरी होगी। अगर स्कोर 20-20 तक पहुंचता है तो अगला अंक जीतने वाला खिलाड़ी गेम अपने नाम करेगा। यानी हर गेम की अधिकतम सीमा 21 अंक होगी। ब्रेक और कोर्ट बदलने के नियम भी बदले अब मिड-गेम ब्रेक 11 अंक की बजाय 8 अंक पर मिलेगा और यह 60 सेकेंड का होगा। तीसरे गेम में खिलाड़ी 8 अंक पर कोर्ट बदलेंगे। गेम के बीच मिलने वाला 120 सेकेंड का ब्रेक पहले की तरह जारी रहेगा और पिछले गेम का विजेता ही अगले गेम में पहली सर्विस करेगा। जनवरी 2027 से BWF भी लागू करेगा BAI महासचिव संजय मिश्रा ने कहा कि घरेलू स्तर पर नए फॉर्मेट को पहले लागू करने का उद्दे भारतीय बैडमिंटन में जुलाई 2026 से नया स्कोरिंग सिस्टम लागू हो जाएगा। इसके तहत गेम 21 की जगह 15 पॉइंट्स के होंगे। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। नए नियमों का पहला इस्तेमाल 7 से 14 जुलाई तक एर्नाकुलम के रीजनल स्पोर्ट्स सेंटर में होने वाले ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में किया जाएगा। इसके बाद यह फॉर्मेट सभी जोनल चैंपियनशिप, घरेलू रैंकिंग टूर्नामेंट और नेशनल चैंपियनशिप में लागू होगा। इसमें अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19, सीनियर और मास्टर्स सभी एज ग्रुप शामिल होंगे। क्या बदलेगा नए नियम में? नए फॉर्मेट में मैच पहले की तरह बेस्ट ऑफ-3 गेम ही होंगे, लेकिन अब हर गेम 21 की जगह 15 अंक का होगा। 14-14 की बराबरी होने पर 2 अंकों की बढ़त जरूरी होगी। अगर स्कोर 20-20 तक पहुंचता है तो अगला अंक जीतने वाला खिलाड़ी गेम अपने नाम करेगा। यानी हर गेम की अधिकतम सीमा 21 अंक होगी। ब्रेक और कोर्ट बदलने के नियम भी बदले अब मिड-गेम ब्रेक 11 अंक की बजाय 8 अंक पर मिलेगा और यह 60 सेकेंड का होगा। तीसरे गेम में खिलाड़ी 8 अंक पर कोर्ट बदलेंगे। गेम के बीच मिलने वाला 120 सेकेंड का ब्रेक पहले की तरह जारी रहेगा और पिछले गेम का विजेता ही अगले गेम में पहली सर्विस करेगा। जनवरी 2027 से BWF भी लागू करेगा BAI महासचिव संजय मिश्रा ने कहा कि घरेलू स्तर पर नए फॉर्मेट को पहले लागू करने का उद्दे
भारतीय बैडमिंटन में नया स्कोरिंग सिस्टम लागू होगा: 21 की जगह 15 अंक का होगा खेल; एर्नाकुलम सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट से होगी शुरुआत
By worldprime
On: जुलाई 2, 2026 8:04 अपराह्न
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