Bijapur Hostel: बीजापुर जिले में स्कूली छात्राओं के गर्भवती होने के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच में पता चला कि तीनों छात्राओं में से केवल एक का ही हॉस्टल में आधिकारिक दाखिला था, जबकि बाकी दो छात्राएं बिना नामांकन के ही आश्रम में रहकर पढ़ाई कर रही थीं। बताया गया कि उनके घर दूर होने के कारण अधीक्षिका ने मौखिक अनुमति देकर उन्हें हॉस्टल में रहने दिया था। (बीजापुर छात्रावास में 3 छात्राएं गर्भवती)

वहीं, जिस छात्रा का हॉस्टल में दाखिला था, वह भी सितंबर से अनुपस्थित थी। इसके बावजूद जनवरी से तीनों छात्राओं की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित जांच हो रही थी और उनका गर्भवती कार्ड भी बनाया गया था। जानकारी यह भी सामने आई है कि छात्राएं हॉस्टल से अलग होकर अपने मंगेतरों के साथ रह रही थीं और अब उनकी शादी की तैयारी की जा रही है। (बीजापुर हॉस्टल में 3 छात्राएं प्रेग्नेंट)

यह मामला तब उजागर हुआ जब एक गर्भवती छात्रा 12वीं की परीक्षा देने पहुंची। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच टीम गठित कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। (Bijapur Hostel Girls Pregnant)
बताया जा रहा है कि तीनों छात्राएं बीजापुर से करीब 35 किलोमीटर दूर गांवों की रहने वाली हैं, जिनमें दो 12वीं और एक 11वीं कक्षा की छात्रा है। तीनों के गर्भवती होने की जानकारी हॉस्टल प्रबंधन को भी थी। फिलहाल दो छात्राएं अपने ससुराल में हैं। (Bijapur Hostel Students Pregnant)

अधीक्षिका हटाई गई, कारण स्पष्ट नहीं
मामले के सामने आने के बाद संबंधित हॉस्टल की अधीक्षिका को हटा दिया गया है, हालांकि विभाग की ओर से हटाने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं किया गया है। वर्तमान अधीक्षिका का कहना है कि केवल एक छात्रा ही उनके हॉस्टल में दर्ज थी, जो दीपावली के बाद वापस नहीं लौटी और सीधे परीक्षा देने पहुंची। बाकी दो छात्राओं के आश्रम में रहने को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है।





