Bilaspur Resort: बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में वन्यजीव शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट में हिरण का शिकार कर उसका मांस पकाया जा रहा था। वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर मौके से पका हुआ मांस बरामद किया और मैनेजर समेत 4 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला बेलगहना वन परिक्षेत्र के कुरदर स्थित एथनिक रिसॉर्ट का है। वन विभाग को सूचना मिली थी कि रिसॉर्ट में हिरण का शिकार कर उसका मांस तैयार किया जा रहा है। टीम ने दबिश दी तो किचन में कड़ाही में मांस पकता हुआ मिला।

रिसॉर्ट में हिरण का मांस पकाया
जांच में पता चला कि, एथनिक रिसार्ट पर्यटन मंडल संचालित करता है। जहां 8 से 10 कर्मचारी कार्यरत हैं। मैनेजर और कर्मचारियों के लिए हिरण का मीट बनाया जा रहा था। टीम ने कुक रामकुमार टोप्पो समेत रिसॉर्ट के मैनेजर रजनीश सिंह सहित रमेश यादव, संजय वर्मा को पकड़ा है। उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन का केस दर्ज किया गया है।
मैनेजर समेत 4 कर्मचारी गिरफ्तार
वन विभाग के अफसरों ने मैनेजर रजनीश सिंह के साथ कर्मचारियों से पूछताछ की, तब उन्होंने खुद का बचाव करते हुए कहा कि, उन्हें नहीं पता मांस किसका है। उन्होंने पूरा दोष कुक रामकुमार टोप्पो पर मढ़ दिया। जबकि, कुक रामकुमार ने कहा कि उसे इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है। उसे गांव के जनक बैगा ने पत्ते में मांस लाकर दिया था।

जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा मीट
वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार आरोपियों का बयान दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अफसरों ने बताया कि, जब्त मांस को जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा, ताकि पुष्टि हो सके कि यह हिरण का ही मांस है या नहीं। हालांकि, वन विभाग की जांच में हिरण के बाकी अवशेषों का कुछ पता नहीं चल सका है।

जंगल में बेधड़क हो रहा वन्य जीवों का शिकार
कोटा-बेलगहना क्षेत्र में इससे पहले भी वन्य जीवों के शिकार हो चुके हैं। जंगल में करंट लगाकर बाघ-तेंदुआ के साथ ही जंगली सुअरों का भी शिकार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में कई प्राइवेट रिसार्ट भी हैं, जहां इसी तरह हिरण का शिकार कर मीट बनाया जाता है। लेकिन, वन विभाग के अफसरों ने अब तक प्राइवेट रिसार्ट में छापेमारी नहीं की है।




