CG Bijli Bill Hike: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लग सकता है। नए वित्तीय सत्र 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने राज्य विद्युत नियामक आयोग में टैरिफ निर्धारण की याचिका दायर की है, जिसमें करीब 6 हजार करोड़ रुपये के घाटे का दावा किया गया है। इस घाटे की भरपाई के लिए पॉवर कंपनी ने औसतन 24 प्रतिशत तक बिजली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

पॉवर कंपनी द्वारा दायर याचिका के अनुसार, आगामी सत्र में अनुमानित राजस्व और खर्च का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया है। इसमें पुराने घाटे को समायोजित करने के बाद भी कंपनी ने करीब 6 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व की जरूरत बताई है। आयोग अब इस प्रस्ताव की समीक्षा करेगा और इसके बाद उपभोक्ताओं एवं संबंधित पक्षों से दावा-आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। नियमानुसार जनसुनवाई आयोजित की जाएगी, जिसमें आम उपभोक्ता भी अपनी राय और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। जनसुनवाई के बाद आयोग अंतिम टैरिफ तय करेगा।

गौरतलब है कि नियमों के तहत पॉवर कंपनी को दिसंबर माह में नए सत्र के टैरिफ के लिए याचिका दाखिल करनी होती है। इस बार कंपनी ने 30 दिसंबर को, समय-सीमा से ठीक पहले अपनी याचिका प्रस्तुत की है।
पिछले वित्तीय वर्ष में भी पॉवर कंपनी ने करीब 5 हजार करोड़ रुपये के घाटे का दावा किया था, लेकिन नियामक आयोग ने जांच के बाद इसे घटाकर करीब 500 करोड़ रुपये ही माना था। उस समय यदि पूरा घाटा स्वीकार कर लिया जाता, तो बिजली दरों में करीब 20 प्रतिशत तक वृद्धि करनी पड़ती। हालांकि आयोग द्वारा कम घाटा मानने के कारण दरों में दो प्रतिशत से भी कम की बढ़ोतरी की गई थी।






