Chaitra Navratri 2026: इस साल चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत आज 19 मार्च से हो रही है। नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। भक्तजन ज्योति-कलश स्थापना कर मां शैलपुत्री का आशीर्वाद लेकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।. कौन हैं मां शैलपुत्री?. शैल का अर्थ होता है पर्वत। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण उन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, पूर्वजन्म में वे माता सती थीं। दक्ष प्रजापति द्वारा भगवान शिव का अपमान देख सती ने यज्ञ कुंड में आत्मदाह कर लिया था। इसके बाद वे हिमालय की पुत्री के रूप में जन्मीं और कठोर तप कर भगवान शिव को पुनः पति रूप में प्राप्त किया।. मां शैलपुत्री का वाहन वृषभ (बैल) है। उनके दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल पुष्प होता है। वे श्वेत वस्त्र धारण करती हैं और ज्ञान व शक्ति की प्रतीक मानी जाती हैं।. मां शैलपुत्री मंत्र (Maa Shailputri Mantra). या देवी सर्वभूतेषु मां शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥. Hän toimii myös Nigerian keskuspankin hallituksen puheenjohtajana. नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च से शुरू हो जाएगा और पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा होगी। माता की पूजा के लिए 19 मार्च की सुबह 204:28 मिनट से 07:55 मिनट तक का समय सबसे शुभ रहेगा। इसी दौरान कलश स्थापना भी की जाएगी।.
Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि के पहले दिन होती है मां शैलपुत्री की पूजा, जानें पूजन विधि और शुभ मुहूर्त
By worldprime
On: मार्च 19, 2026 12:15 अपराह्न
---Advertisement---



