इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी IIT एंट्रेंस एग्जाम का पैटर्न बदल सकता है। दरअसल, IIT काउंसिल ने JEE Advanced के पैटर्न में बदलाव करने का प्रस्ताव दिया है। IIT काउंसिल, IITs के संचालन की हाईएस्ट गवर्निंग बॉडी है, जिसमें सभी 23 IITs और केंद्रीय शिक्षामंत्री खुद शामिल हैं। अब JEE Advanced को ‘एडैप्टिव टेस्टिंग (Adaptive Testing)’ के पैटर्न पर आयोजित करने का फैसला लिया जा सकता है। एडैप्टिव टेस्टिंग एक मॉडर्न और एडवांस्ड एग्जामिनेशन सिस्टम है। इसमें छात्रों को सॉल्व करने के लिए मिलने वाले प्रश्न उसकी क्षमता पर अनुसार होगा। यानी जैसे-जैसे छात्र सवालों के जवाब देता है, वैसे-वैसे अगला प्रश्न आसान या कठिन होता जाता है। क्वालिटी और एबिलिटी वाले स्टूडेंट्स के सिलेक्शन के लिए एडैप्टिव टेस्टिंग एक इफेक्टिव ऑप्शन माना जाता है। इससे स्टूडेंट्स की क्वेश्चंस सॉल्व करने की क्षमता (Question Solving Skills) का सही मूल्यांकन हो जाता है। एडैप्टिव टेस्ट में छात्रों को कैलिब्रेटेड यानी उनकी क्षमता के अनुसार सवाल दिए जाते हैं। इसके आधार पर दो तरह का आकलन होता है- जब चयन इन दोनों पैमानों पर किया जाता है, तो बेहतर और सटीक फिल्टरिंग प्रक्रिया सुनिश्चित होती है। इससे केवल सब्जेक्ट नॉलेज ही नहीं, बल्कि स्पेशल इंटेलिजेंस एबिलिटी और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल रखने वाले छात्र ही परीक्षा में सफल हो पाते हैं। JEE
JEE Advanced के पैटर्न में बदलाव: एडैप्टिव टेस्टिंग लागू करने का प्रस्ताव, छात्रों की क्षमता के अनुसार होंगे सवाल
By worldprime
On: जनवरी 12, 2026 2:57 अपराह्न
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