अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत बढ़ती ही जा रही है। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में लोग रात से ही सिलेंडर के लिए गैस एजेंसी के बाहर बैठे रहे। बिहार और एमपी में हालत ये हैं कि लोग सुबह 4 बजे से गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनों में लग रहे हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है। कई जगहों पर ₹2 हजार का कॉमर्शियल सिलेंडर ₹4 हजार में बिक रहा है। इसके साथ ही सिलेंडर जब्त करने की कार्रवाई भी हो रही है। हालांकि, सरकार का दावा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी संसद में कहा है कि सब कुछ नियंत्रण में है। राजस्थान: होटल में सिलेंडर की जगह लकड़ी, गुरुद्वारे में इंडक्शन और चूल्हे की तैयारी LPG सिलेंडर की किल्लत के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रमजान के महीने और शादियों के सीजन के कारण परेशानी और बढ़ गई है। दिव्यांग बच्चे, असहाय लोगों की देखभाल करने वाली संस्थाएं और लंगर की व्यवस्था करने वाली कमेटियों को परेशनी हो रही है। पूरी खबर पढ़ें… हिमाचल प्रदेश: होटल और ढाबा संचालक कमर्शियल LPG गैस के विकल्प के लिए इंडक्शन खरीद रहे हिमाचल प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत के बीच खाना पकाने के लिए बिजली से चलने वाले इंडक्शन हीटर की मांग अचानक कई गुना बढ़ी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि जो दुकानदार पहले हफ्ते में मुश्किल से एक-दो इंडक्शन बेच पाते थे, अब उनके यहां रोजाना 8 से 15 तक इंडक्शन बिक रहे हैं। खासकर होटल और ढाबा संचालक कमर्शियल LPG गैस के विकल्प के लिए इंडक्शन खरीद रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… कालाबाजारी जोरों पर, मनमाने दाम वसूल रहे जमाखोर एक तरफ सरकार सप्लाई को दुरुस्त बता रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर हालात अलग हैं। इस संकट का फायदा उठाकर जमाखोरों ने सिलेंडरों की कालाबाजारी शुरू कर दी है। कई इलाकों में घरेलू सिलेंडर ₹23,000 तक में बेचे जा रहे हैं। जॉइंट सेक्रेटरी ने बताया कि एलपीजी का प्रोडक्शन 40% बढ़ाया गया है, फिर भी एजेंसियों के बाहर कतारें कम नहीं हो रही हैं। मैसेज आया, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला गाजियाबाद और खोड़ा जैसे इलाकों में लोग बेहद परेशान हैं। कई लोगों की शिकायत है कि उनके मोबाइल पर ‘सिलेंडर डिलीवर’ होने का मैसेज तो आ गया, लेकिन घर पर सिलेंडर नहीं पहुंचा। कुछ लोग 25 दिन पहले बुकिंग करने के बावजूद OTP और अन्य तकनीकी दिक्कतों के कारण खाली हाथ लौट रहे हैं। लोग सुबह 22 बजे से रात 21 बजे तक अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। चूल्हों और लकड़ी पर लौटे रेस्टोरेंट-ढाबे घरेलू के साथ कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। कई रेस्टोरेंट और ढाबे वाले अब बिजली की भट्टियों, कोयले या लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर हैं। जो दुकानदार इनका इंतजाम नहीं कर पा रहे, वे अपनी दुकानें बंद कर रहे हैं। इससे डिलीवरी पार्टनर्स की नौकरी पर भी संकट आ गया है। ₹2167 किलो मिलने वाली गैस अब ₹220-250 में मिल रही है। पुलिस का एक्शन: मदुरई में 254 सिलेंडर जब्त सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए जमाखोरों के खिलाफ राज्यों में कार्रवाई की गई। LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम 403 दिन में तीन बार बदले हॉर्मुज में फंसे 240 टैंकरों से बढ़ी उम्मीद ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेट ऑफ हॉर्मुज में फंसे 22.7 टैंकर भारत पहुंच चुके हैं। अभी 260 और टैंकर वहां से निकलने की कोशिश में हैं। इन जहाजों में कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी लदी है। भारत और ईरान के बीच बातचीत जारी है ताकि ये टैंकर जल्द भारत पहुंच सकें और सप्लाई की तंगी दूर हो सके। सरकार ने अब तक 5 जरूरी कदम उठाए 1. हाई-लेवल कमेटी बनाई: संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी। 2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है। 3. 25 दिन बाद होगी LPG बुकिंग: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 2.73 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे। 4. OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य: गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं। 5. LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश: सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरीज को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। अब उत्पादन 28% बढ़ गया है। सप्लाई संकट की 2 वजह 1. होर्मुज स्ट्रेट का लगभग बंद होना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है। 2. प्लांट पर ड्रोन हमले से LNG का प्रोडक्शन रुका पिछले हफ्ते अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसके जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने LNG प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया है। इससे भारत में गैस की सप्लाई घट गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (करीब 2.7 करोड़ टन सालाना) कतर से ही आयात करता है। सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़ाए
LPG संकट- एजेंसियों पर रात से ही लगीं लाइनें:कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर, सरकार बोली- घबराएं नहीं
By worldprime
On: मार्च 14, 2026 8:39 पूर्वाह्न
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