हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले कनिष्क चौहान ने भी जिम्बाब्वे में खेले गए अंडर 313 वर्ल्ड कप के फाइनल में अपनी चमक बिखेरी। वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष महा इस तूफानी पारी के बाद कनिष्क ने भी अपनी ऑलराउंडर प्रतिभा का परिचय देते हुए 20 गेंदों पर 3 चौके और 1 छक्के की मदद से 37 रन बनाए। एक छक्के और दो चौके की मदद से 18 रन बनाए और टीम का स्कोर 400 पार कराया इसी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 411 रन बनाते हुए इंग्लैंड को 412 रन का टारगेट दिया। यह इस टूर्नामेंट के इतिहास में फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर रहा। इसी के साथ कनिष्क ने एक विकेट भी चटकाया। उन्होंने 18वें ओवर में अपने स्पेल के दूसरे ओवर की आखिर में इस गेंद पर इंग्लैंड के कप्तान थॉमस का विकेट लिया थॉमस 18 गेंद पर 31 रन बना चुके थे और तेज खेल रहे थे कनिष्क की गेंद पर आयुष महात्मा ने उनका कैच पकड़ा। ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे फॉक्नर को विकेट भी ले लिया। फॉक्नर का विकेट गिरते ही टीम इंडिया ने यह मैच 100 से जीतकर विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की। जैसे ही कनिष्क ने य उन्होंने विकेट लिया, झज्जर में उसके घर में खुशी छा गई। मां और परिजन झूम उठे। आतिशबाजी की गई। विश्व कप में शानदार प्रदर्शन पर कनिष्क चौहान के प्रदर्शन पर मां सरिता चौहान भावुक हो गया और बोला कि उसे अपने बेटे पर नाज है। जिम्बाब्वे में खेले गए U-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले कनिष्क चौहान ने भी अपनी चमक बिखेरी। वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष महात्र की तूफानी पारी के बाद कनिष्क ने भी अपनी ऑलराउंडर प्रतिभा का परिचय देते हुए 20 गेंदों पर 3 चौके और 1 छक्के की मदद से 37 रन बनाए। आखिरी ओवर में कनिष्क ने धुआंधार बैटिंग की। एक छक्के और दो चौके की मदद से 18 रन बनाए और टीम का स्कोर 400 पार कराया। इसी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 411 रन बनाते हुए इंग्लैंड को 412 रन का टारगेट दिया। यह इस टूर्नामेंट के इतिहास में फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर रहा। इसी के साथ कनिष्क ने एक विकेट भी चटकाया। उन्होंने 18वें ओवर में अपने स्पेल के दूसरे ओवर की आखिरी गेंद पर इंग्लैंड के कप्तान थॉमस का विकेट लिया। थॉमस 18 गेंद पर 31 रन बना चुके थे और तेज खेल रहे थे। कनिष्क की गेंद पर आयूष महात्र ने उनका कैच पकड़ा। कनिष्क ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे फॉक्नर को विकेट भी लिए। फॉक्नर का विकेट गिरते ही टीम इंडिया ने यह मैच 100 से जीतकर वर्ल्डकप ट्राफी अपने नाम की। जैसे ही कनिष्क ने यह विकेट लिया, झज्जर में उसके घर में खुशी छा गई। मां और परिजन झूम उठे। आतिशबाजी की गई। वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन पर कनिष्क चौहान के प्रदर्शन पर मां सरीता चौहान भावुक हो गई। कहा कि उसे अपने बेटे पर नाज है। मुझे ही नहीं, पूरे परिव? जिम्बाब्वे में खेले गए U-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले कनिष्क चौहान ने भी अपनी चमक बिखेरी। वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष महात्र की तूफानी पारी के बाद कनिष्क ने भी अपनी ऑलराउंडर प्रतिभा का परिचय देते हुए 20 गेंदों पर 3 चौके और 1 छक्के की मदद से 37 रन बनाए। आखिरी ओवर में कनिष्क ने धुआंधार बैटिंग की। एक छक्के और दो चौके की मदद से 18 रन बनाए और टीम का स्कोर 400 पार कराया। इसी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 411 रन बनाते हुए इंग्लैंड को 412 रन का टारगेट दिया। यह इस टूर्नामेंट के इतिहास में फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर रहा। इसी के साथ कनिष्क ने एक विकेट भी चटकाया। उन्होंने 18वें ओवर में अपने स्पेल के दूसरे ओवर की आखिरी गेंद पर इंग्लैंड के कप्तान थॉमस का विकेट लिया। थॉमस 18 गेंद पर 31 रन बना चुके थे और तेज खेल रहे थे। कनिष्क की गेंद पर आयूष महात्र ने उनका कैच पकड़ा। कनिष्क ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे फॉक्नर को विकेट भी लिए। फॉक्नर का विकेट गिरते ही टीम इंडिया ने यह मैच 100 से जीतकर वर्ल्डकप ट्राफी अपने नाम की। जैसे ही कनिष्क ने यह विकेट लिया, झज्जर में उसके घर में खुशी छा गई। मां और परिजन झूम उठे। आतिशबाजी की गई। वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन पर कनिष्क चौहान के प्रदर्शन पर मां सरीता चौहान भावुक हो गई। कहा कि उसे अपने बेटे पर नाज है। मुझे ही नहीं, पूरे परिव?
U-19 वर्ल्ड कप में जीत पर हरियाणवी कनिष्क के घर जश्न: मां के आंसू छलके, बोलीं- बेटे पर नाज; आखिरी ओवर में स्कोर 400 पार पहुंचाया, लास्ट विकेट लिया
By worldprime
On: फ़रवरी 6, 2026 5:48 अपराह्न
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