क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड राजनीति जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी छत्तीसगढ़

---Advertisement---

अनिल अंबानी ग्रुप की ₹3,034 करोड़ की संपत्ति जब्त:मुंबई का फ्लैट और खंडाला का फार्महाउस कुर्क, अब तक ₹19,344 करोड़ की प्रॉपर्टी पर एक्शन

On: अप्रैल 28, 2026 3:04 अपराह्न
Follow Us:
red and white modern breaking news youtube thumbnail
---Advertisement---

ED ने अनिल अंबानी ग्रुप (RAAG) की 3,034 करोड़ रुपए की नई संपत्तियां जब्त की हैं। एजेंसी ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ये कार्रवाई की है। यह कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से जुड़ी संपत्तियों पर की गई है। जब्त की गई संपत्तियों में मुंबई स्थित एक फ्लैट और महाराष्ट्र के हिल स्टेशन खंडाला में एक फार्महाउस शामिल है। इसके अलावा, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के 7.71 करोड़ शेयर और अहमदाबाद के साणंद में स्थित कुछ जमीन को भी कुर्क किया गया है। ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत यह प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है। अब तक कुल 19,344 करोड़ की संपत्ति जब्त अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ चल रहे इस मामले में यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। ताजा जब्ती के बाद, ग्रुप के खिलाफ मामलों में कुल अटैचमेंट अब 19,344 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। ED लंबे समय से ग्रुप की कंपनियों द्वारा किए गए कथित बैंक धोखाधड़ी और फंड के डायवर्जन (पैसों की हेराफेरी) के आरोपों की जांच कर रही है। बैंक धोखाधड़ी और फंड डायवर्जन का है आरोप ED की जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि कैसे ग्रुप की कंपनियों ने बैंकों से लिए गए कर्ज का गलत इस्तेमाल किया। जांच एजेंसी का आरोप है कि फंड को उन कामों के बजाय कहीं और डायवर्ट किया गया, जिनके लिए कर्ज लिया गया था। इसी मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क को ट्रैक करते हुए एजेंसी लगातार ग्रुप की संपत्तियों को कुर्क कर रही है। अनिल अंबानी ग्रुप की मुश्किलें बढ़ीं रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) पहले से ही दिवालिया प्रक्रिया (इनसॉल्वेंसी) से गुजर रही है। अब रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की संपत्तियों और शेयरों पर हुई इस कार्रवाई से अनिल अंबानी ग्रुप की वित्तीय मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। ग्रुप की कई कंपनियां भारी कर्ज और कानूनी जांच के घेरे में हैं। क्या होता है PMLA और प्रोविजनल अटैचमेंट? PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट): यह 2002 में बना एक कानून है, जिसका मकसद काले धन को सफेद करने (मनी लॉन्ड्रिंग) पर रोक लगाना और ऐसी गतिविधियों में शामिल संपत्ति को जब्त करना है। प्रोविजनल अटैचमेंट: जब ईडी को लगता है कि कोई संपत्ति अपराध की कमाई से बनाई गई है, तो वह उसे अस्थायी रूप से (180 दिनों के लिए) जब्त कर लेती है। इसे बाद में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी से मंजूरी मिलने पर स्थायी जब्त किया जा सकता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

red and white modern breaking news youtube thumbnail

CG Board Result 2026: कल दोपहर ढाई बजे जारी होंगे 10वीं-12वीं के नतीजे; ऐसे चेक करें रिजल्ट

red and white modern breaking news youtube thumbnail

भारत-रूस मिलकर यूरिया फैक्ट्री लगाएंगे:अभी जरूरत का 71% यूरिया मिडिल-ईस्ट से आता है; अगले 2 साल में उत्पादन शुरू होगा

red and white modern breaking news youtube thumbnail

महिला कर्मचारी पर धर्म और नाम बदलने का दबाव:दस्तावेज छीने; मलेशिया भेजने की योजना थी; नासिक TCS केस में मुख्य आरोपी अब भी फरार

red and white modern breaking news youtube thumbnail

32 छक्के लगाने वाले वैभव के सामने होंगे श्रेयस अय्यर: आईपीएल में आज राजस्थान-पंजाब के बीच मुकाबला; हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाकर बनाया शतक

red and white modern breaking news youtube thumbnail

Raipur IPL 2026: रायपुर में IPL मैच, मई के पहले हफ्ते से मिलेंगी टिकट; यहां से खरीदें..

red and white modern breaking news youtube thumbnail

मुंबई में दो सिक्योरिटी गार्ड्स पर पहलगाम जैसा हमला:धर्म पूछा, कलमा पढ़ने को कहा, मना करने पर चाकू मारे; ATS बोली- ये आतंकी अटैक

Leave a Comment

// Function to get current page info for sharing const currentUrl = window.location.href; const pageTitle = document.title; // --- 1. Follow Your Official Pages --- // These links go directly to the URLs you provided // Instagram Follow document.getElementById('wpliteInstagramFollow').addEventListener('click', function() { const instaUrl = 'https://www.instagram.com/worldprime.news?igsh=N3I0azl5ZTd1b3U5&utm_source=qr'; window.open(instaUrl, '_blank'); }); // Facebook Follow document.getElementById('wpliteFacebookFollow').addEventListener('click', function() { const fbUrl = 'https://www.facebook.com/share/1ATWDHQiYR/?mibextid=wwXIfr'; window.open(fbUrl, '_blank'); }); // --- 2. Share Current Page to Others --- // These remain as "Sharing" functions // WhatsApp Share document.getElementById('wpliteWhatsAppShare').addEventListener('click', function() { const whatsappUrl = 'https://api.whatsapp.com/send?text=' + encodeURIComponent(pageTitle + " " + currentUrl); window.open(whatsappUrl, '_blank'); }); // Twitter Share document.getElementById('wpliteTwitterShare').addEventListener('click', function() { const twitterUrl = 'https://twitter.com/intent/tweet?url=' + encodeURIComponent(currentUrl) + '&text=' + encodeURIComponent(pageTitle); window.open(twitterUrl, '_blank'); }); // --- 3. Mobile Native Share (The Floating Button) --- document.getElementById("mobileShareFloatingButton").addEventListener("click", function (e) { e.preventDefault(); if (navigator.share) { navigator.share({ title: pageTitle, url: currentUrl }) .then(() => console.log("Share successful")) .catch(err => console.error("Share failed", err)); } else { alert("Native sharing not supported. Use the icons below!"); } });