कानपुर के रहने वाले सिंगर वैभव गुप्ता ने अपनी मेहनत और जुनून से बड़ा मुकाम हासिल किया है। इंडियन आइडल सीजन 14 के विनर रहे वैभव अब फिल्म धुरंधर 2 में अपने गाने “मन अटकेया बेपरवाह दे नाल” से सुर्खियों में हैं। छह साल तक लगातार रिजेक्शन झेलने के बाद मिली इस सफलता की कहानी प्रेरणादायक है। दैनिक भास्कर से बातचीत में वैभव गुप्ता ने बताया कि यह मौका उन्हें मैनिफेस्टेशन और कड़ी मेहनत के दम पर मिला। छोटे शहर से निकली उनकी आवाज आज बड़े पर्दे तक पहुंच चुकी है, और उन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। सवाल: सिंगिंग का सपना कब और कैसे शुरू हुआ? जवाब: सबसे पहले ये सपना मेरे पापा ने देखा। हमारे परिवार में कोई म्यूजिक से नहीं था, हम बिजनेस फैमिली से हैं। लोग कहते थे कि मैं भी दुकान ही संभालूंगा, लेकिन पापा ने मुझे उस सोच से बाहर निकाला। जब मैं 3 साल का था, बाथरूम में गाना गा रहा था—“तेरे मस्त-मस्त दो नैन…”। पापा ने सुना और मुझे गाने के लिए कहा। वहीं से शुरुआत हुई। सवाल: म्यूजिक की ट्रेनिंग कैसे शुरू हुई? जवाब: स्कूल में मेरे म्यूजिक टीचर आनंद गुप्ता जी ने मुझे पहली बार सुना और पापा को कॉल करके कहा कि “इस बच्चे में कुछ खास है।” उन्होंने मुझे फ्री पीरियड और जीरो पीरियड में सिखाया। आज भी मैं उन्हें हर उपलब्धि की खबर सबसे पहले देता हूं। सवाल: बचपन में कोई खास मोमेंट ?
इंडियन आइडल विनर वैभव गुप्ता को बड़ा ब्रेक मिला:’धुरंधर 2′ के गाने से पहचान मिली, छह साल रिजेक्शन के बाद किस्मत चमकी
By worldprime
On: अप्रैल 28, 2026 5:30 पूर्वाह्न
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