इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) का साल 2026 का पहला मिशन ‘PSLV-C62’ फेल हो गया है। रॉकेट 12 जनवरी को सुबह 10.18 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से 16 सैटेलाइट लेकर उड़ा था। ISRO चीफ डॉ. वी नारायणन ने कहा कि रॉकेट लॉन्चिंग के तीसरे चरण में गड़बड़ी आ गई, जिसके कारण वह रास्ता भटक गया। पिछले साल 18 मई को भी ISRO का PSLV-C61 मिशन तकनीकी खराबी के कारण तीसरी स्टेज में ही फेल हुआ था। इस मिशन में EOS-09 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट को 524 किमी की सन-सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट में स्थापित किया जाना था। 512km की ऊंचाई पर ऑर्बिट में स्थापित होने थे सैटेलाइट मिशन के 8वें मिनट में गड़बड़ी हुई PSLV-C62 / EOS-N1 मिशन कुल 1 घंटा 48 मिनट 5 सेकेंड का था, लेकिन 8वें मिनट में गड़बड़ी आ गई। इस वजह से: अब आगे क्या होगा, 3 सवालों में समझिए 1. रास्ता भटकने के बाद रॉकेट का क्या होता है? 2. 16 सैटेलाइट का क्या होगा? स्थिति इस बात पर निर्भर करती है कि गड़बड़ी किस स्टेज पर हुई- (a) सैटेलाइट अलग होने से पहले गड़बड़ी (b) सैटेलाइट अलग हो चुके हों लेकिन गलत कक्षा में 3. क्या यह बड़ी विफलता मानी जाती है? दुनिया के सबसे भरोसेमंद रॉकेट में शामिल है PSLV PSLV को इसरो का सबसे भरोसेमंद रॉकेट माना जाता है। इसने अब तक 63 उड़ानें पूरी की हैं, जिनमें चंद्रयान-1, मंगलयान (MOM), आदित्य-L1 और एस्ट्रोसैट जैसे बड़े मिशन शामिल हैं। साल 2017 में PSLV ने एक ही मिशन म?
इसरो का PSLV-C62 रॉकेट रास्ता भटकने से मिशन फेल, तीसरी स्टेज में तकनीकी खराबी; अन्वेषा समेत 16 सैटेलाइट लॉन्च मिशन प्रभावित
By worldprime
On: जनवरी 12, 2026 5:03 पूर्वाह्न
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