क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड राजनीति जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी छत्तीसगढ़

---Advertisement---

केवल हिंदू-बौद्ध-सिख ही अनुसूचित जाति का दावा कर सकते हैं:सुप्रीम कोर्ट का फैसला- धर्म बदला तो अनुसूचित जाति का दर्जा भी खत्म हो जाता है

On: मार्च 24, 2026 12:55 अपराह्न
Follow Us:
केवल हिंदू बौद्ध सिख ही अनुसूचित जाति का दावा कर सकते हैं:सुप्रीम कोर्ट का फैसला धर्म बदला तो अनुसूचित जाति का दर्जा भी खत्म हो जाता है
---Advertisement---

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म से जुड़े लोग ही अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त कर सकते हैं। अगर कोई ईसाई या किसी और धर्म में धर्मांतरण करता है तो वह अनुसूचित जाति का दर्जा खो देगा। जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ईसाई धर्म अपनाने वाला दलित व्यक्ति अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मिलने वाले किसी भी संरक्षण का दावा नहीं कर सकता है। यह फैसला आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मई 2025 के फैसले के खिलाफ लगाई गई चिंथदा की याचिका पर सुनाया गया। धर्म परिवर्तन के बाद पादरी बने चिंथदा आनंद ने याचिका लगाई थी कि उन्हें अक्काला रामिरेड्डी समेत कुछ लोगों से जातिगत भेदभाव और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट पहले भी कह चुका- आरक्षण का लाभ लेने धर्म बदलना, संविधान से धोखा 1985 के सूसाई बनाम भारत सरकार से जुड़े एक केस में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यदि कोई व्यक्ति ईसाई धर्म अपनाने के बाद दोबारा हिंदू धर्म में लौटता है, तो उसे एससी दर्जा प्राप्त करने के लिए विश्वसनीय प्रमाण और समुदाय की स्वीकृति की जरूरत होगी। केवल लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से धर्म परिवर्तन करने को सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के साथ धोखा करार दिया। चिंथदा का आरोप था- उसे जातिसूचक गालियां दी गईं यह मामला विशाखापट्टनम जिले के अनाकापल्ली का है, जहां मूल रूप से एससी (माला समुदाय) के चिंथदा ने ईसाई धर्म अपना लिया और पादरी बन गया। कुछ दिन बाद गुंटूर जिले के कोथापलेम में रहने वाले अक्कला रामी रेड्डी नाम के शख्स पर चिंथदा ने आरोप लगाया कि अक्कला ने उसे जातिसूचक गालियां दी हैं। चिंथदा ने SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया था। मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर इस पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। इसके बाद चिंथदा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। केस की जांच के दौरान पता चला था कि ईसाई धर्म अपनाने के कारण चिंथदा का अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र रद्द कर दिया गया था। चिंथदा एक चर्च में करीब 10 साल से पादरी के तौर पर काम कर रहा है। पढ़ें पूरी खबर… आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने क्या कहा था… संविधान में क्या प्रावधान है संविधान (अनुसूचित जातियों) आदेश, 1950 के अनुसार केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अनुसूचित जाति समुदायों को एससी का दर्जा प्राप्त है। अगर कोई ईसाई या मुस्लिम धर्म अपना लेता है तो उनका यह दर्जा समाप्त हो जाता है। ​ आंध्र प्रदेश विधानसभा ने भी मार्च 2023 में एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया कि ईसाई धर्म अपना चुके दलितों को भी एससी दर्जा प्रदान किया जाए। ——————— सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला-महिला अफसर सेना में स्थायी कमीशन की हकदार, इससे इनकार करना भेदभाव था आर्मी, नेवी और एयर फोर्स की महिला शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) अफसर, जिन्हें परमानेंट कमीशन नहीं मिला अब उन्हें पूरी पेंशन मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला 24 मार्च को सुनाया। कोर्ट ने कहा कि महिला अफसरों को स्थायी कमीशन न देना उनकी योग्यता की कमी नहीं, बल्कि व्यवस्था में मौजूद भेदभाव का नतीजा था। पढ़ें पूरी खबर…

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

red and white modern breaking news youtube thumbnail

शिवसेना के 6 बागी विधायकों में से 2 सामने आए:निम्बालकर ने कहा- मैं शिंदे के साथ, नागेश पाटिल बोले- उद्धव से नाराज नहीं

red and white modern breaking news youtube thumbnail

शिवसेना के 6 बागी विधायकों में से 2 सामने आए:निम्बालकर ने कहा- मैं शिंदे के साथ, नागेश पाटिल बोले- उद्धव से नाराज नहीं

red and white modern breaking news youtube thumbnail

वैभव बोले- मैं 50 ओवर का मैच बहुत खेल चुका हूं: ‘लोगों को शायद मालूम नहीं है’; फाइनल में उनकी पारी पर दिग्गजों ने क्या कहा?

red and white modern breaking news youtube thumbnail

वैभव बोले- मैं 50 ओवर का मैच बहुत खेल चुका हूं: ‘लोगों को शायद मालूम नहीं है’; फाइनल में उनकी पारी पर दिग्गजों ने क्या कहा?

red and white modern breaking news youtube thumbnail

पहलगाम हमला- ड्रोन से पहुंचाए गए थे हथियार:NIA की चार्जशीट में खुलासा, खुफिया तंत्र की कमजोरी पर उठे सवाल

red and white modern breaking news youtube thumbnail

ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश से टी-20 सीरीज 3-0 से जीती: तीसरे मुकाबले में 7 विकेट से हराया; मिशेल मार्श की फिफ्टी

Leave a Comment

// Function to get current page info for sharing const currentUrl = window.location.href; const pageTitle = document.title; // --- 1. Follow Your Official Pages --- // These links go directly to the URLs you provided // Instagram Follow document.getElementById('wpliteInstagramFollow').addEventListener('click', function() { const instaUrl = 'https://www.instagram.com/worldprime.news?igsh=N3I0azl5ZTd1b3U5&utm_source=qr'; window.open(instaUrl, '_blank'); }); // Facebook Follow document.getElementById('wpliteFacebookFollow').addEventListener('click', function() { const fbUrl = 'https://www.facebook.com/share/1ATWDHQiYR/?mibextid=wwXIfr'; window.open(fbUrl, '_blank'); }); // --- 2. Share Current Page to Others --- // These remain as "Sharing" functions // WhatsApp Share document.getElementById('wpliteWhatsAppShare').addEventListener('click', function() { const whatsappUrl = 'https://api.whatsapp.com/send?text=' + encodeURIComponent(pageTitle + " " + currentUrl); window.open(whatsappUrl, '_blank'); }); // Twitter Share document.getElementById('wpliteTwitterShare').addEventListener('click', function() { const twitterUrl = 'https://twitter.com/intent/tweet?url=' + encodeURIComponent(currentUrl) + '&text=' + encodeURIComponent(pageTitle); window.open(twitterUrl, '_blank'); }); // --- 3. Mobile Native Share (The Floating Button) --- document.getElementById("mobileShareFloatingButton").addEventListener("click", function (e) { e.preventDefault(); if (navigator.share) { navigator.share({ title: pageTitle, url: currentUrl }) .then(() => console.log("Share successful")) .catch(err => console.error("Share failed", err)); } else { alert("Native sharing not supported. Use the icons below!"); } });