मध्यप्रदेश के छोटे से गांव से निकलकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम तक पहुंचने वाली तेज गेंदबाज क्रांति की कहानी संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल है। क्रिकेट से शुरुआत करने वाली क्रांति आज लगातार दूसरे विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। इंग्लैंड में होने वाले टी-20 विश्व कप से पहले दै. श्री भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने अपने संघर्ष, परिवार के समर्थन, टीम इंडिया के माहौल, रोल मॉडल हार्दिक पंड्या और गांव की लड़कियों में आए बदलाव पर बात की। प्रश्न: लगातार दूसरे विश्व कप में जगह बनाने पर आपका पहला रिएक्शन क्या था? क्रांति: बहुत अच्छा लगा. जब टी20 वर्ल्ड कप की टीम आने वाली थी, तब थोड़ा एक्साइटमेंट था. मुझे भरोसा था कि मैं टीम में रहूंगी, क्योंकि डेब्यू के बाद मैंने अपनी जब टीम में अपना नाम देखा तो परिवार भी बहुत खुश हुआ। अब हमारा पूरा फोकस इंग्लैंड जाकर टीम के लिए अपना बेस्ट देना है। पर है. सवाल: आपकी क्रिकेट यात्रा काफी प्रेरणादायक रही है. शुरुआत कैसे हुई और परिवार का कितना सपोर्ट मिला? क्रांति: मैंने बहुत छोटी उम्र में क्रिकेट शुरू किया। शुरुआत टेनिस बॉल क्रिकेट से हुई और लड़कों के साथ खेलती थी। वहीं से फास्ट बॉलिंग सीखी। बाद में पता चला कि लड़कियों का क्रिकेट? मध्यप्रदेश के छोटे से गांव से निकलकर भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम तक पहुंचने वाली तेज गेंदबाज क्रांति की कहानी संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल है। टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत करने वाली क्रांति आज लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। इंग्लैंड में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप से पहले दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने अपने संघर्ष, परिवार के सपोर्ट, टीम इंडिया के माहौल, रोल मॉडल हार्दिक पंड्या और गांव की लड़कियों में आए बदलाव पर बात की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…… सवाल: लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में जगह बनाने पर आपका पहला रिएक्शन क्या था? क्रांति: बहुत अच्छा लगा। जब टी-20 वर्ल्ड कप की टीम आने वाली थी, तब थोड़ा एक्साइटमेंट था। मुझे भरोसा था कि मैं टीम में रहूंगी, क्योंकि डेब्यू के बाद मैंने अपनी बॉलिंग पर काफी काम किया है और 100% दिया है। जब टीम में अपना नाम देखा तो परिवार भी बहुत खुश हुआ। अब हमारा पूरा फोकस इंग्लैंड में जाकर टीम के लिए अपना बेस्ट देने पर है। सवाल: आपकी क्रिकेट जर्नी काफी प्रेरणादायक रही है। शुरुआत कैसे हुई और परिवार का कितना सपोर्ट मिला? क्रांति: मैंने बहुत छोटी उम्र में क्रिकेट शुरू किया। शुरुआत टेनिस बॉल क्रिकेट से हुई और लड़कों के साथ खेलती थी। वहीं से फास्ट बॉलिंग सीखी। बाद में पता चला कि लड़कियों का क्रिकेट ? मध्यप्रदेश के छोटे से गांव से निकलकर भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम तक पहुंचने वाली तेज गेंदबाज क्रांति की कहानी संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल है। टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत करने वाली क्रांति आज लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। इंग्लैंड में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप से पहले दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने अपने संघर्ष, परिवार के सपोर्ट, टीम इंडिया के माहौल, रोल मॉडल हार्दिक पंड्या और गांव की लड़कियों में आए बदलाव पर बात की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…… सवाल: लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में जगह बनाने पर आपका पहला रिएक्शन क्या था? क्रांति: बहुत अच्छा लगा। जब टी-20 वर्ल्ड कप की टीम आने वाली थी, तब थोड़ा एक्साइटमेंट था। मुझे भरोसा था कि मैं टीम में रहूंगी, क्योंकि डेब्यू के बाद मैंने अपनी बॉलिंग पर काफी काम किया है और 100% दिया है। जब टीम में अपना नाम देखा तो परिवार भी बहुत खुश हुआ। अब हमारा पूरा फोकस इंग्लैंड में जाकर टीम के लिए अपना बेस्ट देने पर है। सवाल: आपकी क्रिकेट जर्नी काफी प्रेरणादायक रही है। शुरुआत कैसे हुई और परिवार का कितना सपोर्ट मिला? क्रांति: मैंने बहुत छोटी उम्र में क्रिकेट शुरू किया। शुरुआत टेनिस बॉल क्रिकेट से हुई और लड़कों के साथ खेलती थी। वहीं से फास्ट बॉलिंग सीखी। बाद में पता चला कि लड़कियों का क्रिकेट ?
क्रांति की संघर्ष और सफलता की कहानी: हार्दिक पंड्या को मानती हैं रोल मॉडल, अब लगातार दूसरे विश्व कप में खेलती नजर आएंगी
By worldprime
On: मई 20, 2026 1:36 अपराह्न
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