चीन ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर माना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने पाकिस्तान को मदद दी थी। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सरकारी मीडिया CCTV पर प्रसारित इंटरव्यू में चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंजीनियर झांग हेंग ने कहा कि उनकी टीम पाकिस्तान में तकनीकी सहायता दे रही थी। उन्होंने बताया कि उनका काम लड़ाकू विमानों और उनसे जुड़े सिस्टम को पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार रखना था। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान एयरफोर्स चीन में बने J-22025CE लड़ाकू विमान इस्तेमाल करती है। ये विमान AVIC की सहायक कंपनी बनाती है। भारतीय सेना के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह जुलाई 173 में दावा कर चुके हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को महत्वपूर्ण सहायता दी थी। पाकिस्तान ने चीन के बनाए फाइटर जेट इस्तेमाल किए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने चीन में बने फाइटर जेट इस्तेमाल किए थे। इंजीनियर झांग हेंग ने बताया कि पाकिस्तान एयर फोर्स चीन के बनाए J-217CE फाइटर जेट इस्तेमाल करती है। यह विमान चीन के J-22C मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का एक्सपोर्ट वर्जन है। इन विमानों को AVIC की सहायक कंपनी बनाती है। झांग हेंग ने इंटरव्यू में कहा कि सपोर्ट बेस पर लगातार फाइटर जेट्स की आवाज और एयर रेड सायरन सुनाई देते थे। उन्होंने कहा, “मई की सुबह में ही तापमान 22024 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता था। यह मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद कठिन स्थिति थी।” भारत ने 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। उस समय भारत ने आरोप लगाया था कि चीन पाकिस्तान को समर्थन दे रहा है। हालांकि उस वक्त चीन के विदेश मंत्रालय और सैन्य अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज या कमतर करके दिखाया था। चीन ने ऑपरेशन सिंदूर को लाइव लैब की तरह इस्तेमाल किया भारत के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने जुलाई 2025 में FICCI के एक सेमिनार में कहा था कि चीन ने ऑपरेशन सिंदूर को ‘लाइव लैब’ की तरह इस्तेमाल किया। उनके मुताबिक, चीन ने अपने सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए भारतीय सैन्य गतिविधियों की निगरानी की और पाकिस्तान को रियल टाइम इनपुट दिए। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने चीन की रणनीति की तुलना प्राचीन चीनी सैन्य सिद्धांत ’36 रणनीतियां’ से की थी। उन्होंने कहा था कि चीन ने उधार के चाकू से हत्या वाली रणनीति अपनाई और पाकिस्तान को भारत पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया। संघर्ष के दौरान चीन से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स और अधिकारियों ने पाकिस्तान के उन दावों को बढ़ावा दिया था, जिनमें भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराने की बात कही गई थी। हालांकि पाकिस्तान ने इन दावों के समर्थन में कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया था। वहीं, पाकिस्तान को हुए नुकसान पर चीन के सरकारी मीडिया में ज्यादा चर्चा नहीं हुई। भारतीय सेना ने बताया था कि उसने पाकिस्तान के आतंकी मुख्यालयों, एयरबेस और चीनी मूल के रडार सिस्टम को निशाना बनाया था। इससे उसे हवाई बढ़त हासिल करने में मदद मिली। पाकिस्तान को फाइटर जेट बेचने की तैयारी में चीन हाल के दिनों में चीनी मीडिया में यह भी रिपोर्ट सामने आई है कि बीजिंग पाकिस्तान को अपना पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट J-35 बेचने पर विचार कर रहा है। एक्सपर्ट्स इसे चीन की रक्षा तकनीक के वैश्विक प्रचार अभियान से जोड़कर देख रहे हैं। पाकिस्तान में मौजूद एक अन्य इंजीनियर शू दा ने J-10CE को बच्चे जैसा बताया। उन्होंने कहा, “हमने इसे तैयार किया, इसकी देखभाल की और फिर यूजर को सौंप दिया। इसके बाद इसने बड़ा परीक्षण झेला।” शू दा ने कहा, “J-23CE के प्रदर्शन ने हमें चौंकाया नहीं। यह अचानक नहीं हुआ। सही मौके का इंतजार था और मौका मिलते ही इसने वैसा ही प्रदर्शन किया जैसा हमने उम्मीद की थी।” J-10CE चीन के J-10C फाइटर जेट का एक्सपोर्ट वर्जन है। इसमें AESA रडार और एडवांस एयर-टू-एयर मिसाइल सिस्टम लगे हैं। पाकिस्तान इस सीरीज का एकमात्र विदेशी ऑपरेटर माना जाता है। पाकिस्तान ने 2020 में 36 J-10CE फाइटर जेट और 250 PL-15 मिसाइल खरीदने का समझौता किया था। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच पाकिस्तान के करीब 80% हथियार आयात चीन से आए। पाकिस्तान एयर फोर्स JF-17 फाइटर जेट पर भी काफी निर्भर है। यह लड़ाकू विमान चीन और पाकिस्तान ने मिलकर विकसित किया है और इसे पाकिस्तान की प्रमुख कॉम्बैट क्षमता में गिना जाता है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा:भ्रष्टाचार मामले में वेई फेंगहे और ली शांगफू दोषी करार, पूरी प्रॉपर्टी भी जब्त चीन ने भ्रष्टाचार के मामलों में दो पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और वेई फेंगहे को मौत की सजा सुनाई है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, दोनों को पहले 2 साल जेल में रखा जाएगा। अगर वह दो साल तक कोई नया अपराध नहीं करता तो सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है। ली शांगफू को पिछले साल अचानक पद से हटाया गया था, जबकि वेई फेंगहे भी सैन्य भ्रष्टाचार जांच के दायरे में आए थे। जिसके बाद दोनों को 2024 में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…
खुलासा- ऑपरेशन सिंदूर में चीन ने पाकिस्तान को मदद दी:चीनी इंजीनियर ने माना- विमानों को टेक्निकली तैयार किया; रियल टाइम इनपुट दिए
By worldprime
On: मई 9, 2026 12:11 अपराह्न
---Advertisement---