घरेलू LPG सिलेंडरों के दामों में ₹211 की बढ़ोतरी की गई है। न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि नई दरें 233.6 जून से लागू होंगी। आज से दिल्ली में 21 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹22 से बढ़कर ₹21955 हो जाएगी। तीन महीने में दूसरी बार LPG की कीमत बढ़ाई गई है। इससे पहले 93 मार्च को LPG सिलेंडर के दाम ₹29 बढ़ाए गए थे। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई प्रभावित हुई थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय ईंधन कीमतें बढ़ गई थीं। तेल कंपनियों को प्रति सिलेंडर ₹23 नुकसान का दावा सूत्रों का कहना है कि LPG सिलेंडरों के दामों में ताजा बढ़ोतरी से तेल कंपनियों के नुकसान की केवल आंशिक भरपाई होगी। बढ़ोतरी से पहले सरकारी तेल कंपनियों को हर घरेलू LPG सिलेंडर पर करीब ₹26 का नुकसान हो रहा था। इससे पहले सरकार ने 8 अप्रैल 2025 को घरेलू सिलेंडर के दामों में ₹50 का इजाफा किया था। वहीं 1 मार्च 2026 को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम ₹31 तक बढ़ाए गए थे। 33 किलो वाले LPG सिलेंडर की कीमतों में ₹11 का इजाफा किया गया था, जिससे इसकी कीमत 821.50 रुपए हो गई। LPG से पहले पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम भी बढ़े तेल कंपनियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी ऊर्जा लागत और घरेलू बिक्री पर हो रहे नुकसान के कारण कीमतों में बढ़ोतरी करना पड़ा है। पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम भी पिछले कुछ हफ्तों में बढ़े हैं। मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कुल मिलाकर ₹7.50 प्रति लीटर बढ़ चुकी हैं। वहीं CNG के दाम भी करीब ₹6 प्रति किलो बढ़ाए गए हैं। इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक, हालिया बढ़ोतरी के बावजूद तेल कंपनियां अब भी पेट्रोल और डीजल लागत से कम कीमत पर बेच रही हैं। कंपनियों को पेट्रोल पर करीब ₹11 प्रति लीटर और डीजल पर ₹33.6 प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। सरकार का दावा है कि अभी तक अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हुई पूरी बढ़ोतरी का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है। वैश्विक कच्चे तेल और ईंधन बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सरकार का कुछ बोझ सरकारी तेल कंपनियां उठा रही हैं। नॉलेज बॉक्स: 1. कैसे तय होती है गैस सिलेंडर की कीमत तेल कंपनियां हर महीने पिछले महीने के अंतरराष्ट्रीय मूल्यों, एक्सचेंज रेट और अन्य लागतों के आधार पर LPG की बेस प्राइस तय करती हैं। इसके बाद टैक्स, ट्रांसपोर्ट, और डीलर कमीशन जोड़कर खुदरा मूल्य निकाला जाता है। सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए सरकार अंतर की भरपाई करती है, जबकि गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर की पूरी कीमत ग्राहक चुकाता है। 2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 क्या है सरकार ने यह आदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम यानी एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 (ESMA) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करके जारी किया है। इससे पहले सरकार ने यूक्रेन युद्ध के बाद तेल क्षेत्र में ESMA के नियमों को लागू किया था। तब रिफाइनिंग कंपनियों से कहा गया था कि वे देश में फ्यूल की कमी न होने दें और इसे बाहर एक्सपोर्ट न करें, क्योंकि उस समय भारी मार्जिन मिलने की वजह से तेल बाहर बेचना काफी फायदे का सौदा बन गया था। —————————- यह खबर भी पढ़ें… खाने का तेल अब 9 स्टैंडर्ड पैक-साइज में ही मिलेगा:कंपनियों को वॉल्यूम के साथ वजन लिखना भी जरूरी, 3 महीने में लागू होंगे नए नियम डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने 6 जून को लीगल मेट्रोलॉजी फ्रेमवर्क के तहत खाने वाले तेल के लिए स्टैंडर्ड पैक साइज अनिवार्य कर दिए हैं। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को अलग-अलग ब्रांड्स के बीच कीमतों की तुलना करने और सही फैसला लेने में मदद करना है। पूरी खबर पढ़ें…
घरेलू LPG सिलेंडर ₹29 महंगा, नई दरें आज से लागू:3 महीने में दूसरी बार दाम बढ़े; दिल्ली में 14.2kg के सिलेंडर ₹942 में मिलेंगे
By worldprime
On: जून 7, 2026 12:28 पूर्वाह्न
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