दुनिया की प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियां छात्रों को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़े रखने के लिए लगातार नए तरीके अपना रही हैं। अमेरिका के 1400 स्कूलों के प्रशासनिक निकायों द्वारा मेटा, स्नैपचैट और टिक टॉक के खिलाफ दायर मुकदमों से जुड़े अंदरूनी दस्तावेजों में खुलासा हुआ है कि कंपनियां युवाओं का ध्यान खींचने और उन्हें लंबे समय तक स्क्रीन पर बनाए रखने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही हैं। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब सोशल मीडिया के खिलाफ विरोध बढ़ रहा है। अभिभावकों के आंदोलन, कई चर्चित किताबों और विशेषज्ञों ने अकेलेपन, बुलीइंग, खराब खान-पान की आदतों और यौन शोषण जैसी समस्याओं के लिए टेक प्लेटफॉर्म्स को जिम्मेदार ठहराया है। पहले बहस मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के प्रभाव तक सीमित थी, लेकिन अब इसका फोकस कक्षाओं में पढ़ाई पर पड़ रहे असर की ओर भी बढ़ गया है। दस्तावेजों और अभिभावकों, शिक्षकों तथा टेक कंपनियों के पूर्व कर्मचारियों से हुई बातचीत के अनुसार कंपनियों ने बच्चों को स्क्रीन से जोड़े रखने के लिए पैरेंट्स,शिक्षकों और यहां तक कि अपनी ट्रस्ट एंड सेफ्टी टीमों की चिंताओं को भी नजरअंदाज किया। टिक टॉक की सुरक्षा टीम वर्षों से स्कूल समय के दौरान नोटिफिकेशन बंद करने की सिफारिश करती रही, लेकिन कंपनी ने ऐसा नहीं किया। वहीं, स्नैपचैट के रणनीतिक दस्ताव
छात्रों को लुभाने के लिए कंपनियां बांट रही फ्री गिफ्ट:सोशल मीडिया कंपनियों पर 1400 से अधिक मुकदमों के अंदरूनी दस्तावेजों से खुलासा
By worldprime
On: जून 9, 2026 4:14 अपराह्न
---Advertisement---