शकरकंद सेहत का खजाना है. 50 ग्राम शकरकंद का एक छोटा सा टुकड़ा भी रोजाना खाएं तो इससे 4 ग्राम फाइबर मिलता है. यह एक पोषक तत्वों से भरपूर भोजन है, जिसमें विटामिन ए, विटामिन सी, फाइ हालांकि, पोटेशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, हालांकि शकरकंद को बाहर से गुलाबी और चमकदार दिखने के लिए इसमें मिलावट भी काफी होती है। ये रासायनिक रंगों का उपयोग करते हैं ताकि बाजार में मिलने वाले गुलाबी या गहरे बैंगनी शकरकंद को अधिक ताजा, चमकदार और आकर्षक बनाया जा सके। कलर शरीर के लिए बहुत हानिकारक हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हाल ही में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने मिलावटी शकरकंद को लेकर सतर्कता बरती है। तो चलिए, आज की जरूरी खबर में हम शकरकंद के बारे में विस्तार से बात करेंगे और साथ ही जानेंगे कि – सपर्ट: डॉ। रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल, जयपुर डॉ. उमेश कुमार, खाद्य विश्लेषक, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश प्रश्न- शकरकंद में क्या मिलाया जा रहा है? उत्तर: शकरकंद में सिंथेटिक रसायनिक रंग रोडामाइन बी मिलाया जा रहा है। इसे शकरकंद को अधिक लाल, गुलाबी और चमकदार दिखाने के लिए ऊपर से लगाया जाता है। सवाल- रोडामाइन-बी?
जरूरत की खबर- शकरकंद में रोडामाइन-बी का मिश्रण: एफएसएसएआई ने बताया शुद्धता की जांच कैसे करें, चमकदार नहीं, मिट्टी वाला ही खरीदें
By worldprime
On: जनवरी 31, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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