गर्मियों में चेहरा चिपचिपा हो जाता है और छोटे-छोटे पिंपल्स अचानक बढ़ जाते हैं। दरअसल, तापमान बढ़ने पर त्वचा खुद को बचाने के लिए तेल उत्पादन इससे पसीना लंबे समय तक चेहरे पर बना रहता है। इस वजह से पोर्स ब्लॉक हो सकते हैं। ऐसे में त्वचा के छोटे-छोटे पिंपल्स भी जल्दी इन्फ्लेमेशन (सूजन, रेडनेस) होकर जिद्दी हो जाते हैं। यह एक्ने का रूप ले लेता है। इसे नियंत्रित करना आसान नहीं है। गर्मियों में पसीना, बैक्टीरिया और गंदगी का संयोजन इस समस्या को और बढ़ा देता है। आज की जरूरी खबर में हम गर्मियों में होने वाले मुंहासे के बारे में बात करेंगे। संदीप अरोड़ा, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल – मुंहासे क्या होते हैं? उत्तर: यह एक त्वचा की स्थिति है, जिसमें तेल (सीबम), मृत त्वचा कोशिकाओं और बैक्टीरिया द्वारा त्वचा के छिद्रों को अवरुद्ध किया जाता है। ये आमतौर पर चेहरे पर होते हैं। ये पीठ, कंधे क्या मुँहासे और मुँहासे एक ही चीज़ हैं? उत्तर – हां, आम तौर पर मुँहासे और मुँहासे एक ही समस्या के संकेत होते हैं, लेकिन उनमें थोड़ा अंतर होता है। मुँहासे एक त्वचा की स्थिति है, जबकि मुँहासे उसी स्थिति का एक लक्षण है जब त्वचा के छिद्र तेल, मृत त्वचा और बैक्टीरिया से अवरुद्ध हो जाते हैं तो मुँहासे होते हैं।
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By worldprime
On: मई 14, 2026 4:30 पूर्वाह्न
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